उत्तराखंड: के टिहरी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चंबा-कोटीकॉलोनी मार्ग पर नैल के पास एक वाहन गहरी खाई में गिर गया, जिसमें सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब सभी लोग हरिद्वार में अंतिम संस्कार में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेडा गांव के निवासी एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने हरिद्वार गए थे। अंतिम संस्कार के बाद सभी लोग एक वाहन में सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चंबा-कोटीकॉलोनी मार्ग पर नैल के समीप वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।
हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की है।
इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। प्रशासन द्वारा मृतकों के शवों को खाई से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग काफी संकरा और खतरनाक है। यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि वाहन के अनियंत्रित होने या चालक की जरा सी चूक के कारण यह हादसा हुआ।
हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के गांवों में मातम छा गया। जिन परिवारों के सदस्य इस हादसे का शिकार हुए, वहां रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना किन कारणों से हुई। शुरुआती जांच में वाहन के ब्रेक फेल होने या सड़क की खराब स्थिति को संभावित कारण माना जा रहा है।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क हादसे आम होते जा रहे हैं। संकरी सड़कों, खराब मौसम और लापरवाही के कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ही ऐसे हादसों को कम कर सकता है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और पहाड़ी मार्गों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और सरकार के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे इन खतरनाक मार्गों पर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दें।