अगर आप: अक्सर हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं, तो 10 अप्रैल 2026 से आपकी यात्रा का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब देशभर के नेशनल हाईवे पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इस बदलाव का सीधा असर लाखों वाहन चालकों पर पड़ेगा और उन्हें नए डिजिटल सिस्टम के अनुसार खुद को ढालना होगा।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश के बाद अब टोल टैक्स का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही किया जा सकेगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब हर वाहन में FASTag होना अनिवार्य होगा। यानी बिना FASTag के हाईवे पर सफर करना मुश्किल ही नहीं, बल्कि महंगा भी पड़ सकता है।
अब तक टोल प्लाजा पर कैश भुगतान के कारण लंबी-लंबी कतारें लगती थीं, जिससे यात्रियों को समय और ईंधन दोनों की बर्बादी झेलनी पड़ती थी। सरकार का मानना है कि इस नए नियम से टोल प्लाजा पर जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी और सफर ज्यादा तेज और सुगम बनेगा।
नई व्यवस्था के तहत FASTag के जरिए टोल भुगतान अपने आप हो जाएगा। वाहन जैसे ही टोल प्लाजा से गुजरेगा, उसके FASTag से पैसे कट जाएंगे और गाड़ी को रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक भी कम होगा।
हालांकि, जो लोग अभी भी FASTag का इस्तेमाल नहीं करते, उनके लिए यह नियम सख्त साबित हो सकता है। अगर कोई वाहन चालक FASTag के बिना टोल पार करने की कोशिश करता है, तो उसे दोगुना शुल्क देना पड़ सकता है। इसके अलावा ऐसे वाहनों को टोल प्लाजा से वापस भी किया जा सकता है या उनके खिलाफ ई-नोटिस जारी किया जा सकता है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाता है और वह तीन दिनों के भीतर भुगतान नहीं करता, तो उसे अतिरिक्त जुर्माना देना होगा। यह कदम लोगों को समय पर भुगतान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब टोल पर मिलने वाली छूट के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। पहले कई लोग पहचान पत्र दिखाकर गलत तरीके से छूट का लाभ उठा लेते थे, लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा। केवल वही लोग छूट के पात्र होंगे, जिनके पास “Exempted FASTag” होगा या जिन्होंने वैध वार्षिक पास बनवाया होगा।
निजी वाहन चालकों के लिए सरकार ने एक सालाना पास की सुविधा भी दी है, जिसकी कीमत 3,075 रुपये रखी गई है। इस पास के जरिए एक साल में 200 बार टोल प्लाजा पार किया जा सकता है। नियमित यात्रा करने वालों के लिए यह काफी किफायती विकल्प साबित हो सकता है।
भविष्य में टोल सिस्टम को और आधुनिक बनाने की भी योजना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक पर काम कर रहा है। इस तकनीक के लागू होने के बाद वाहन बिना रुके ही टोल पार कर सकेंगे और भुगतान पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी आधुनिक बनाएगा। हालांकि शुरुआती दिनों में कुछ लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो अभी तक कैश पेमेंट पर निर्भर हैं।
कुल मिलाकर, 10 अप्रैल से लागू होने वाले ये नए नियम हाईवे यात्रा को तेज, आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। लेकिन इसके लिए वाहन चालकों को समय रहते FASTag लगवाना और डिजिटल पेमेंट के लिए तैयार रहना जरूरी होगा, वरना उन्हें अतिरिक्त खर्च और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट बंद करने और FASTag को अनिवार्य बनाने का फैसला यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव है। जहां इससे सफर आसान होगा, वहीं नियमों का पालन न करने पर जेब पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ सकता है।