पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने महिलाओं को साधने के लिए बड़ा चुनावी दांव खेला है। पार्टी ने ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ लॉन्च करते हुए वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो राज्य की महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इस योजना का ऐलान केंद्रीय नेता स्मृति ईरानी ने किया। इस दौरान पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बीजेपी नेताओं ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
बीजेपी का कहना है कि ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। पार्टी का दावा है कि इस योजना से लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पहले चरण के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों की 2,400 से अधिक कंपनियां तैनात की जाएंगी।

चुनावी माहौल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक बयान में पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराध, दंगे और भ्रष्टाचार चरम पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवा बेरोजगारी से परेशान हैं और सरकारी कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए अदालतों का सहारा लेना पड़ रहा है।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी राज्य पर कब्जा करने के लिए हर हद पार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और केंद्र सरकार ने बंगाल के विकास के लिए मिलने वाले फंड को रोक दिया है।
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी चुनावी मैदान में सक्रिय हैं और बीजेपी व टीएमसी दोनों पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां लोकतंत्र को कमजोर कर रही हैं और जनता को गुमराह कर रही हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी चुनावी रैलियों में बीजेपी की योजनाओं को जनता के सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
इसके अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी चुनाव प्रचार के दौरान आम जनता से संपर्क साधा और केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर जानकारी दी।
चुनाव आयोग ने भी इस बार विशेष पहल करते हुए ‘होम वोटिंग’ की सुविधा शुरू की है, जिससे बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता घर से ही वोट डाल सकेंगे। यह कदम मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प और कांटे का हो सकता है। बीजेपी जहां अपने वादों और योजनाओं के जरिए जनता को लुभाने की कोशिश कर रही है, वहीं टीएमसी अपने कामकाज और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर मैदान में है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है। अब देखना होगा कि यह वादा मतदाताओं, खासकर महिलाओं को कितना प्रभावित करता है और चुनावी नतीजों में क्या असर डालता है।