Live TV

For You

Channel

Menu

Live TV

For You

Channel

Menu

Live TV

For You

Channel

Menu

नीतीश 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा शपथ, CM पद पर सस्पेंस बरकरार: BJP बोली- शपथ के बाद तय होगा चेहरा, तेजस्वी का तंज- ‘तेल मालिश में जुटे नेता’

बिहार: की राजनीति इस वक्त तेज उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की खबरों के बीच सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं, जिसके बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होने की संभावना है।

इस घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। 8 अप्रैल को संभावित कैबिनेट बैठक और 9 अप्रैल को दिल्ली में जेडीयू नेताओं के साथ बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये बैठकें आगामी सत्ता परिवर्तन की दिशा तय कर सकती हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Sanjay Saraogi ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि 10 अप्रैल के बाद एनडीए का केंद्रीय नेतृत्व मिलकर नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला करेगा। उनके बयान से यह साफ हो गया है कि भाजपा इस पूरे घटनाक्रम में निर्णायक भूमिका निभाने वाली है।

वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि “बीजेपी नेताओं के मन में लड्डू फूट रहे हैं और वे तेल मालिश में जुटे हैं कि कौन मुख्यमंत्री बनेगा।” तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब अधिकारी खुद मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग रहे हैं।

राजनीतिक हलचल के बीच नीतीश कुमार अपने सरकारी कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने वाल्मीकिनगर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने 8 नए जंगल सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाई, साथ ही गंडक बराज और इको टूरिज्म प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण भी किया। यह संकेत देता है कि वे अभी भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभा रहे हैं।

हालांकि, सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि नीतीश कुमार अब सक्रिय राज्य राजनीति से केंद्र की ओर रुख कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।

इस बीच जेडीयू और भाजपा के भीतर भी मंथन जारी है। एनडीए के भीतर कई नाम संभावित मुख्यमंत्री के तौर पर चर्चा में हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह भी माना जा रहा है कि अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और जेडीयू के शीर्ष नेताओं की सहमति से ही होगा।

दूसरी ओर, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उनकी बातों को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने आरजेडी शासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने पारदर्शिता के साथ काम किया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना और नया मुख्यमंत्री चुनना एनडीए के लिए एक बड़ा राजनीतिक दांव हो सकता है।

फिलहाल बिहार की जनता और राजनीतिक दलों की नजरें 10 अप्रैल पर टिकी हैं। यह दिन राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। 10 अप्रैल के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होने की संभावना है, जिससे राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव आ सकता है।

Read More News

[youtube-feed feed=1]
Scroll to Top