उत्तर प्रदेश: के बाराबंकी से लेकर दिल्ली की सत्ता तक अपनी मजबूत पहचान बनाने वाली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता Mohsina Kidwai का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय तक सक्रिय सार्वजनिक जीवन जीने वाली मोहसिना किदवई भारतीय राजनीति का एक सम्मानित और प्रभावशाली चेहरा थीं।
बाराबंकी से शुरू हुआ सियासी सफर
Mohsina Kidwai का जन्म 1 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में हुआ था। शुरुआती दौर से ही उन्होंने सामाजिक कार्यों और जनसेवा के प्रति रुचि दिखाई। यही वजह रही कि उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और कांग्रेस पार्टी से जुड़कर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
धीरे-धीरे अपने काम और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के कारण वे पार्टी के भीतर एक मजबूत और विश्वसनीय नेता के रूप में उभरीं। उन्हें जमीनी स्तर पर जनता से जुड़ने वाली नेता माना जाता था।
इंदिरा और राजीव गांधी के दौर में निभाई अहम भूमिका
मोहसिना किदवई ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi और Rajiv Gandhi के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ग्रामीण विकास, परिवहन और शहरी विकास जैसे अहम मंत्रालयों का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कई जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया गया, जिनका असर देश के लाखों लोगों तक पहुंचा।
उनकी कार्यशैली की खासियत
थी—शांत स्वभाव, स्पष्ट सोच और निर्णय लेने की क्षमता। यही कारण था कि उन्हें एक कुशल प्रशासक के रूप में भी जाना जाता था।
संसद के दोनों सदनों में रही सक्रिय
Mohsina Kidwai उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थीं जिन्होंने लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने न सिर्फ राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी, बल्कि सामाजिक सौहार्द, महिला सशक्तिकरण और विकास से जुड़े मुद्दों पर भी निरंतर काम किया।
वे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और समाज में बराबरी का अधिकार दिलाने की प्रबल समर्थक थीं। उनके प्रयासों से कई सामाजिक पहलों को मजबूती मिली।
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। नेताओं ने उन्हें एक अनुभवी, ईमानदार और समर्पित जननेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तर प्रदेश से लेकर देशभर में उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें याद किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला लगातार जारी है।
एक युग का अंत
मोहसिना किदवई का निधन केवल एक नेता की विदाई नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
उनकी सादगी, जनसेवा के प्रति समर्पण और राजनीतिक शुचिता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती थी।
Mohsina Kidwai का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने दशकों तक देश और समाज की सेवा की और अपने कार्यों से एक मिसाल कायम की। उनका जीवन आने वाले नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनकी विरासत हमेशा याद की जाएगी।