प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक सौगात देते हुए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर दिया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने के साथ ही अब देहरादून से दिल्ली की दूरी घटकर महज ढाई से तीन घंटे रह जाएगी, जो पहले 6 से 7 घंटे तक लगती थी।
पीएम मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर इस एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित किया। करीब 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे देश के सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक हाईवे प्रोजेक्ट्स में शामिल है। इस परियोजना से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए अपने भाषण की शुरुआत गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में नमस्कार के साथ की। उन्होंने कहा कि यहां आने में थोड़ी देरी हो गई, क्योंकि रास्ते में लोगों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। करीब 12 किलोमीटर लंबे रोड शो के दौरान लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में अधिक समय लग गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस परियोजना को राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि इससे पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में खास है। उन्होंने इस परियोजना को उत्तराखंड की लाइफलाइन बताते हुए कहा कि अब राज्य सीधे देश की राजधानी से तेज और सुरक्षित तरीके से जुड़ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य को लगातार विकास की सौगात मिल रही है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कई अहम परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत 640 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क परियोजना दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
गडकरी ने कहा कि यमुनोत्री धाम तक सड़क निर्माण का काम 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, भूस्खलन की समस्या से निपटने के लिए हजारों करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सोनप्रयाग से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इस परियोजना के तहत देश का पहला 1000 मेगावाट क्षमता वाला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट भी शुरू किया गया है, जो ऊर्जा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि इससे उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह कॉरिडोर उत्तर भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री का यह उत्तराखंड दौरा उनके कार्यकाल का 28वां दौरा है, जो इस राज्य के प्रति उनके विशेष लगाव और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन उत्तराखंड और देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल यात्रा तेज और सुगम होगी, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।