बिहार: के मोकामा में शुक्रवार को ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने राजनीति और खेल—दोनों को एक मंच पर ला खड़ा किया। Anant Singh द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महादंगल में हजारों की भीड़ उमड़ी, जहां एक तरफ पहलवानों की ताकत का प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर ‘बाहुबली’ स्टाइल में आयोजन की भव्यता भी देखने को मिली।
यह महादंगल Mokama के नदवां गांव में आयोजित किया गया, जो दिवंगत पहलवान Viveka Pahalwan (विवेका पहलवान) की पुण्यतिथि पर समर्पित था। आयोजन को खास बनाने के लिए विजेता के लिए 51 लाख रुपए नकद और चांदी की गदा का इनाम घोषित किया गया—जो अपने आप में इस आयोजन की भव्यता को दर्शाता है।
अखाड़े में ‘बाहुबली’ की एंट्री, लोगों की उमड़ी भीड़
दंगल में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र खुद अनंत सिंह रहे। सिर पर साफा बांधे, गमछा लहराते और अखाड़े के चारों ओर घूमते हुए वे दर्शकों का अभिवादन करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना था कि “हम कुश्ती देखने कम, अनंत सिंह को देखने ज्यादा आए हैं।”
दंगल में करीब 10 हजार से ज्यादा दर्शक मौजूद थे। आयोजन स्थल पर बाहर से आए लोगों के लिए भोजन का भी इंतजाम किया गया था, जिससे यह एक बड़े मेले जैसा माहौल बन गया।
विदेशी पहलवानों ने बढ़ाई रोमांचकता
इस महादंगल की खासियत यह भी रही कि इसमें अंतरराष्ट्रीय पहलवानों की भागीदारी हुई। ईरान के पहलवान जलाल ने पांच भारतीय पहलवानों को चुनौती दी। आयोजकों ने ऐलान किया कि जो भी जलाल को हराएगा, उसे अलग से 15 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।
इस मुकाबले ने दर्शकों के बीच रोमांच और उत्साह को और बढ़ा दिया।

संगीत और मनोरंजन का भी तड़का
दंगल में भोजपुरी सिंगर Gunjan Singh की मौजूदगी ने माहौल को और रंगीन बना दिया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गानों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। खासकर “गमछा” थीम वाले गाने पर अनंत सिंह खुद गमछा लहराते नजर आए, जिससे भीड़ में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
जेल से बाहर आने के बाद पहला बड़ा आयोजन
यह आयोजन अनंत सिंह के लिए इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में उन्हें जमानत मिली है और जेल से बाहर आने के बाद यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है। उन्होंने खुद पूरे आयोजन की निगरानी की और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
विवेका पहलवान की याद में आयोजन
इस महादंगल का आयोजन दिवंगत Viveka Pahalwan की स्मृति में किया गया। विवेका पहलवान बिहार केसरी रह चुके थे और अपनी सख्त ट्रेनिंग व डाइट के लिए जाने जाते थे। बताया जाता है कि वे रोजाना 5 लीटर दूध पीते थे और हजारों दंड-बैठक लगाते थे।
उनकी और अनंत सिंह की पुरानी दुश्मनी भी काफी चर्चित रही थी, जो समय के साथ खत्म हो गई। बाद में दोनों के रिश्ते सामान्य हो गए थे।
अखाड़े से लेकर राजनीति तक चर्चा
यह महादंगल केवल खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया। आयोजन की भव्यता और भीड़ ने यह संकेत दिया कि अनंत सिंह अभी भी क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं।