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UCC पर अमित शाह का बड़ा ऐलान, ममता बनर्जी का पलटवार—“मोदी पहले इस्तीफा दें!”

नई दिल्ली/गुवाहाटी/कोलकाता। देश में चुनावी माहौल के बीच यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में चुनावी रैली के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में UCC लागू किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखा पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।

असम में UCC लागू करने का ऐलान

असम के गोलपाड़ा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राज्य में बढ़ती जनसंख्या और घुसपैठ की समस्या को देखते हुए UCC जरूरी है। उन्होंने कहा—“हम असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाएंगे, जिससे चार शादी जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी।”

शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह आदिवासी समुदाय को UCC के नाम पर डराती है, जबकि भाजपा सरकार आदिवासियों को इससे बाहर रखेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कानून विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लागू किया जाएगा।

घुसपैठ और सुरक्षा पर भी बोले शाह

गृह मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि असम में घुसपैठ एक बड़ी समस्या रही है, जिसे भाजपा सरकार ने काफी हद तक नियंत्रित किया है। उन्होंने दावा किया कि सभी घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है और आगामी समय में उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आगामी चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आती है, तो नॉर्थ-ईस्ट में फिर से अस्थिरता बढ़ सकती है। भाजपा सरकार ने राज्य में शांति और विकास का माहौल बनाया है, जिसे बनाए रखने के लिए जनता से समर्थन मांगा।

ममता बनर्जी का पलटवार—‘मोदी इस्तीफा दें’

अमित शाह के बयान के बाद ममता बनर्जी ने दक्षिण दिनाजपुर में चुनावी रैली के दौरान तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा—“अगर वोटर लिस्ट में घुसपैठियों के नाम हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हीं वोटों से जीतकर आए हैं। ऐसे में उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए।”

ममता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक तबादलों के जरिए बाहरी लोगों को राज्य में प्रवेश दिलाने की कोशिश की गई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ बताया।

मालदा घटना पर भी बयान

ममता बनर्जी ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना पर AIMIM और ISF को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर भी इस घटना को भड़काने का आरोप लगाया।

उनके इस बयान से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी मुकाबला और अधिक तीखा होता जा रहा है।

अन्य चुनावी हलचलें भी तेज

इस बीच देश के अन्य राज्यों में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जेपी नड्डा केरल दौरे पर हैं, जहां वे मंदिर दर्शन और रोड शो करेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुडुचेरी में रोड शो करने वाले हैं।

तमिलनाडु में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन को अविनाशी सीट से टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने भी कई प्रमुख चेहरों को मैदान में उतारा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पश्चिम बंगाल में मतगणना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने 500 CAPF कंपनियों की तैनाती का फैसला किया है। इसके अलावा EVM और काउंटिंग सेंटर की सुरक्षा के लिए 200 कंपनियां अलग से तैनात रहेंगी।

राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल

चुनावी मौसम में नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर जहां अमित शाह विकास और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में हैं, वहीं ममता बनर्जी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि UCC जैसे संवेदनशील मुद्दे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं, जो मतदाताओं को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

असम में UCC लागू करने के ऐलान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां भाजपा इसे सामाजिक सुधार और सुरक्षा से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडा बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी परिणामों को किस तरह प्रभावित करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

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