आगरा: ताजनगरी आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज की नैतिकता को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ एक मासूम किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने के लिए एक युवक ने ‘पिज्जा’ का लालच दिया। आरोपी ने पहले बच्ची का भरोसा जीता और फिर उसे एक होटल में ले जाकर उसकी अस्मत से खिलवाड़ किया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब आरोपी युवक ने पीड़िता को अपनी बातों में फंसाया। उसने नाबालिग किशोरी को पिज्जा खिलाने और शहर घुमाने का प्रलोभन दिया। मासूम आरोपी की मंशा को भांप नहीं सकी और उसके साथ चली गई। बताया जा रहा है कि आरोपी उसे सुनसान रास्ते से होते हुए इलाके के ही एक स्थानीय होटल में ले गया। वहाँ उसने डरा-धमकाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घर पहुँचते ही फूट-फूट कर रोई पीड़िता
वारदात के बाद आरोपी ने पीड़िता को छोड़ दिया और फरार हो गया। जब पीड़िता बदहवास हालत में अपने घर पहुँची, तो वह बुरी तरह सहमी हुई थी। उसके चेहरे पर खौफ साफ दिखाई दे रहा था। जब माता-पिता ने उसकी हालत देखी और प्यार से पूछताछ की, तो वह फूट-फूट कर रो पड़ी। उसने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस की कार्रवाई और पॉक्सो एक्ट
पीड़िता के पिता बिना देर किए थाना सिकंदरा पहुँचे और आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत भी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीसीटीवी और होटल रिकॉर्ड की जांच
थाना सिकंदरा पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने उस होटल को भी चिन्हित कर लिया है जहाँ यह घिनौनी वारदात हुई। होटल के एंट्री रजिस्टर और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है ताकि आरोपी की गतिविधियों और उसकी पहचान की पुष्टि की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि होटल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है कि एक नाबालिग को बिना पहचान पत्र या जांच के कमरे में कैसे जाने दिया गया।
इलाके में भारी रोष
इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म होता जा रहा है। स्थानीय संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाया जाए ताकि पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सके।
आगरा की यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी है। जहाँ पुलिस अपनी जांच में जुटी है, वहीं यह समाज के लिए भी सोचने का विषय है कि अपराधी किस तरह छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अपना शिकार बना रहे हैं। फिलहाल, पूरा सिकंदरा क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील है और आरोपी की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज हैं।