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    Home»देश»अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान पड़ेगा भारी! राज्यसभा से पास हुआ नया बिल, जानिए कितनी होगी जेल और जुर्माना
    देश

    अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान पड़ेगा भारी! राज्यसभा से पास हुआ नया बिल, जानिए कितनी होगी जेल और जुर्माना

    sachin SinghBy sachin SinghJuly 29, 2026No Comments4 Mins Read
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    नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित होने के बाद अब भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या उसके गायन में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।

    यह विधेयक विपक्ष के विरोध, हंगामे और वॉकआउट के बीच पारित हुआ। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने सदन की कार्यवाही और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

    क्या है नया कानून?

    अब तक राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज, भारतीय संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को कानूनी संरक्षण प्राप्त था। नए संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी इसी दायरे में शामिल कर लिया गया है।

    इस संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और अधिक मजबूत बनाना है। सरकार का कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए इसे भी समान कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।

    किन मामलों में होगी कार्रवाई?

    नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति—

    • जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है।
    • राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करता है।
    • ऐसा कोई कार्य करता है जिसे राष्ट्रीय सम्मान के विरुद्ध माना जाए।

    तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    हालांकि, कानून का उद्देश्य केवल जानबूझकर किए गए अपमानजनक कृत्यों को दंडित करना है। आने वाले समय में “अपमान” और “बाधा” की कानूनी व्याख्या को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आ सकते हैं।

    क्या होगी सजा?

    संशोधित कानून के अनुसार राष्ट्रीय गीत के अपमान से जुड़े मामलों में—

    • अधिकतम 3 वर्ष तक की जेल
    • जुर्माना
    • या दोनों सजा एक साथ

    का प्रावधान किया गया है। अंतिम सजा संबंधित मामले के तथ्यों और अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।

    राज्यसभा में क्यों हुआ हंगामा?

    विधेयक पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

    उपसभापति ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और विधेयक पर चर्चा शुरू कराई। चर्चा के दौरान विपक्ष ने विरोध जारी रखा और बाद में कई विपक्षी दल सदन से वॉकआउट कर गए। इसके बावजूद सरकार ने ध्वनिमत से विधेयक पारित करा लिया।

    सरकार ने क्या कहा?

    सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और संविधान की तरह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ भी देश की अस्मिता और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है। इसलिए इसके सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी संरक्षण आवश्यक था।

    सरकार के अनुसार यह कानून किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है।

    ‘वंदे मातरम्’ का ऐतिहासिक महत्व

    ‘वंदे मातरम्’ की रचना महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। बाद में इसे उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।

    आजादी के बाद इसे भारत का राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया। इसके पहले दो पद आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किए गए हैं।

    क्या आगे भी होगी कानूनी बहस?

    विधेयक पारित होने के बाद अब कानूनी विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज हो सकती है कि—

    • “जानबूझकर अपमान” की परिभाषा क्या होगी?
    • क्या किसी कार्यक्रम में गीत न गाने को भी अपराध माना जाएगा?
    • “गायन में बाधा” की कानूनी सीमा क्या होगी?

    विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रश्नों का उत्तर भविष्य में न्यायालयों की व्याख्या और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगा।

    अब आगे क्या होगा?

    राज्यसभा से पारित होने के बाद विधेयक संवैधानिक प्रक्रिया के अगले चरण में जाएगा। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने और अधिसूचना जारी होने के बाद संशोधित कानून प्रभावी हो जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े अन्य प्रतीकों के समान कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।

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    sachin Singh

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