Close Menu
Taj TimesTaj Times

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Taj TimesTaj Times
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Taj TimesTaj Times
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच
    देश

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    sachin SinghBy sachin SinghAugust 10, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    नई दिल्ली। मणिपुर में वर्ष 2023 में हुई जातीय हिंसा से जुड़े मामलों की जांच और सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी की। अदालत ने मणिपुर और असम की सरकारों समेत संबंधित अधिकारियों से ऐसे मामलों के लिए अलग-अलग विशेष अदालतें बनाने पर विचार करने को कहा है, जिनकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही हैं।

    सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश ऐसे समय आया है जब मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों की जांच की स्थिति और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद उनकी सुनवाई की प्रक्रिया पर अदालत लगातार नजर रख रही है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पीड़ितों, उनके परिवारों और उनके वकीलों को मामलों से जुड़े जरूरी दस्तावेज और कार्यवाही की जानकारी आसानी से मिल सके।

    CBI और NIA मामलों के लिए अलग-अलग अदालतों का सुझाव

    चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन शामिल थे। पीठ ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मणिपुर हिंसा से जुड़े CBI मामलों की सुनवाई के लिए एक अलग विशेष अदालत और NIA से जुड़े मामलों के लिए दूसरी विशेष अदालत बनाने पर विचार किया जाए।

    अदालत की चिंता इस बात को लेकर भी सामने आई कि वर्तमान में जिन विशेष न्यायाधीशों के सामने CBI और NIA के मामले चल रहे हैं, क्या वे केवल मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे हैं या उनके पास दूसरे मामले भी लंबित हैं।

    इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग विशेष अदालतों की व्यवस्था पर विचार करने को कहा, ताकि मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों की सुनवाई को अधिक केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

    आरोपपत्र दाखिल मामलों की पूरी जानकारी मांगी

    सुप्रीम कोर्ट ने उन मामलों की जानकारी एक जगह जुटाने का भी निर्देश दिया, जिनमें जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।

    पीठ ने कहा कि संबंधित मामलों के केस नंबर, आरोपपत्र दाखिल होने की स्थिति और अदालत में चल रही कार्यवाही समेत जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसका उद्देश्य यह है कि पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ-साथ उनके कानूनी प्रतिनिधियों को मामलों से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच मिल सके।

    अदालत ने संबंधित उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

    पीड़ित परिवारों और वकीलों के लिए क्यों अहम है आदेश?

    मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में किसी मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद उसकी न्यायिक प्रक्रिया किस स्थिति में है, इसकी जानकारी पीड़ित परिवारों और उनके वकीलों के लिए महत्वपूर्ण होती है।

    सुप्रीम कोर्ट ने इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए मामलों से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इससे संबंधित पक्षों को यह पता चल सकेगा कि किस मामले में जांच किस स्तर पर है, आरोपपत्र कब दाखिल हुआ और अदालत में आगे क्या कार्यवाही हुई।

    CBI और NIA की जांच वाले मामलों पर कोर्ट की नजर

    पीठ ने सुनवाई के दौरान CBI और NIA की ओर से की जा रही जांच तथा उन अदालतों की स्थिति रिपोर्ट पर भी विचार किया, जहां आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।

    अदालत को बताया गया कि CBI और NIA से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष न्यायाधीशों द्वारा की जा रही है। इसके बाद पीठ ने यह जानने की आवश्यकता जताई कि संबंधित विशेष अदालतों पर केवल मणिपुर हिंसा के मामले हैं या उनके पास अन्य आपराधिक मामले भी लंबित हैं।

    यही सवाल अलग-अलग विशेष अदालतों की संभावना के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण बनकर सामने आया।

    अगली सुनवाई से पहले पेश होगी स्थिति रिपोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को अगली सुनवाई से पहले इस संबंध में स्थिति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आने की उम्मीद है कि CBI और NIA से जुड़े मामलों की सुनवाई किन अदालतों में हो रही है और इन अदालतों के पास अन्य मामलों का कितना बोझ है।

    अदालत के निर्देशों के बाद अब संबंधित प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों के सामने विशेष अदालतों को लेकर व्यवस्था तैयार करने का सवाल है।

    मणिपुर हिंसा मामलों में आगे क्या?

    सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश के बाद अब अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। उस दौरान अदालत के सामने आरोपपत्र दाखिल मामलों की स्थिति, संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता और CBI-NIA मामलों के लिए अलग विशेष अदालतों को लेकर अधिकारियों की रिपोर्ट रखी जाएगी।

    फिलहाल कोर्ट ने अलग-अलग विशेष अदालतों के गठन का अंतिम आदेश नहीं दिया है, बल्कि संबंधित अधिकारियों से ऐसी अदालतें बनाने पर विचार करने को कहा है। इसलिए अगली स्थिति रिपोर्ट के बाद ही इस दिशा में आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।

    मणिपुर हिंसा से जुड़े मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी ऐसे मामलों में पारदर्शिता, रिकॉर्ड की उपलब्धता और सुनवाई की स्थिति को लेकर अदालत की गंभीरता को दर्शाती है।

    CBI Manipur News Manipur Violence NIA Supreme Court कोर्ट आदेश जातीय हिंसा पीड़ित परिवार मणिपुर हिंसा विशेष अदालत सुप्रीम कोर्ट
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    sachin Singh

    Related Posts

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026

    PM मोदी से मिले सुप्रिया सुले समेत NCP-SP के 8 सांसद, 15 मिनट की बैठक में उठे सूखा-प्याज से नदी प्रदूषण तक के मुद्दे

    August 10, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    आज का मौसम
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,566 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

     

    TAJ Times is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    By sachin SinghAugust 10, 2026

    काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह यानी बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद…

    Also Read

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.