Close Menu
Taj TimesTaj Times

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Taj TimesTaj Times
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Taj TimesTaj Times
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»राज्य»कोडीन सिरप के बाद ‘नीले कैप्सूल’ का खतरनाक ट्रेंड! लखनऊ में ₹5 लाख की खेप जब्त, नए ड्रग रैकेट ने उड़ाए होश
    राज्य

    कोडीन सिरप के बाद ‘नीले कैप्सूल’ का खतरनाक ट्रेंड! लखनऊ में ₹5 लाख की खेप जब्त, नए ड्रग रैकेट ने उड़ाए होश

    sachin SinghBy sachin SinghJuly 28, 2026No Comments5 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ में नशे के कारोबार को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हाल ही में करोड़ों रुपये के कोडीन सिरप रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद अब युवाओं में तथाकथित ‘नीले कैप्सूल’ के बढ़ते दुरुपयोग ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की हालिया कार्रवाई में लगभग ₹5 लाख कीमत के ऐसे कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जिनका चिकित्सकीय उपयोग तो सीमित परिस्थितियों में होता है, लेकिन कथित तौर पर इनका अवैध इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था।

    एफएसडीए अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। विभाग अब इन दवाओं की सप्लाई चेन, अवैध वितरण और बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।

    कौन-कौन सी दवाएं जांच के दायरे में हैं?

    जांच में जिन दवाओं के दुरुपयोग की बात सामने आई है, उनमें मुख्य रूप से:

    • स्पाजमो प्रॉक्सीवान (Spasmo Proxyvon)
    • प्रिगाबालिन (Pregabalin)
    • गैबापेंटिन (Gabapentin)
    • ट्रामाडोल (Tramadol)

    शामिल हैं।

    ये दवाएं सामान्य परिस्थितियों में डॉक्टरों द्वारा नसों के दर्द, मिर्गी, गंभीर दर्द या अन्य चिकित्सकीय समस्याओं के इलाज के लिए निर्धारित की जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इनका सेवन केवल चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित मात्रा में ही सुरक्षित माना जाता है।

    दवा बाजार भी हैरान

    लखनऊ के कई थोक और खुदरा दवा कारोबारियों से बातचीत में यह सामने आया कि कुछ दवाएं, विशेष रूप से स्पाजमो प्रॉक्सीवान, वर्षों पहले नियमित बाजार से लगभग गायब हो चुकी थीं। हाल के दिनों में इनकी दोबारा उपलब्धता की चर्चाओं ने दवा कारोबारियों को भी हैरान कर दिया है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऐसी दवाएं नियंत्रित श्रेणी में आती हैं, तो इनकी आपूर्ति किन माध्यमों से हो रही है और ये बिना वैध चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाजार तक कैसे पहुंच रही हैं।

    विशेषज्ञों ने जताई चिंता

    वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि इन दवाओं के दुरुपयोग की घटनाएं बढ़ने के बाद अधिकांश डॉक्टर इनका उपयोग बेहद सीमित परिस्थितियों में ही करते हैं। उनका मानना है कि यदि नियंत्रित दवाएं बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

    विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में मेडिकल स्टोर, वितरण चैन और दवा आपूर्ति प्रणाली की गहन जांच आवश्यक है।

    एफएसडीए की कार्रवाई क्या कहती है?

    लखनऊ मंडल के एफएसडीए अधिकारियों के अनुसार पिछले लगभग 15 दिनों में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये मूल्य के कैप्सूल बरामद किए गए।

    प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि ये दवाएं विभिन्न माध्यमों से लखनऊ लाई जा रही थीं और फुटकर स्तर पर बेची जा रही थीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इन दवाओं के दुरुपयोग से क्या खतरे हैं?

    चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार इन दवाओं का गलत तरीके से या आवश्यकता से अधिक सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

    संभावित जोखिमों में शामिल हैं—

    • अत्यधिक सुस्ती और चक्कर
    • मानसिक भ्रम
    • शारीरिक निर्भरता (Dependence)
    • सांस लेने में गंभीर समस्या
    • लीवर और किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव
    • ओवरडोज की स्थिति में जानलेवा जटिलताएं

    इसी कारण इन दवाओं का सेवन केवल योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।

    बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर उठे सवाल

    कई नियंत्रित दवाओं की बिक्री केवल वैध चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जानी चाहिए। इसके बावजूद समय-समय पर बिना पर्ची दवा मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे नियमों का कड़ाई से पालन हो और मेडिकल स्टोरों की नियमित निगरानी की जाए, तो इस प्रकार के दुरुपयोग पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

    जांच का दायरा बढ़ाया गया

    एफएसडीए और संबंधित एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन दवाओं की सप्लाई कहां से हो रही थी, किन लोगों के माध्यम से इनका वितरण किया जा रहा था और क्या इसमें संगठित नेटवर्क शामिल है।

    यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ औषधि कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

    जागरूकता भी उतनी ही जरूरी

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छापेमारी पर्याप्त नहीं है। युवाओं, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों और दवा विक्रेताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना भी बेहद आवश्यक है। नियंत्रित दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और समाज को मिलकर काम करना होगा।

    लखनऊ में नियंत्रित श्रेणी की दवाओं के कथित दुरुपयोग का मामला स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनकर सामने आया है। एफएसडीए की कार्रवाई में लाखों रुपये के कैप्सूल जब्त होने के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी दवाओं का सेवन केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही किया जाना चाहिए और बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर सख्त निगरानी जरूरी है।

    Blue Capsule Breaking News Drug Racket FSDA Gabapentin Lucknow News Pregabalin Spasmo Proxyvon Tramadol Uttar Pradesh News
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    sachin Singh

    Related Posts

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026

    मीराबाई के आंसू से लेकर जादूमणि के कारगिल समर्पण तक, PM मोदी से मुलाकात में खुली भारतीय चैंपियनों की पूरी कहानी

    August 10, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    आज का मौसम
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,566 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

     

    TAJ Times is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    By sachin SinghAugust 10, 2026

    काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह यानी बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद…

    Also Read

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.