Close Menu
Taj TimesTaj Times

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Taj TimesTaj Times
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Taj TimesTaj Times
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट पर साइबर खतरा! डार्क वेब पर लीक हुईं 19 हजार सीक्रेट फाइलें, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
    देश

    भारत के सबसे बड़े न्यूक्लियर प्लांट पर साइबर खतरा! डार्क वेब पर लीक हुईं 19 हजार सीक्रेट फाइलें, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    sachin SinghBy sachin SinghJuly 15, 2026No Comments4 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    भारत: के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल तमिलनाडु के कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर एक गंभीर साइबर सुरक्षा दावा सामने आया है। एक रैंसमवेयर समूह ने दावा किया है कि उसने इस परियोजना से जुड़ी 19,000 से अधिक संवेदनशील फाइलें डार्क वेब पर सार्वजनिक कर दी हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) से जुड़े सबसे गंभीर साइबर सुरक्षा मामलों में से एक हो सकता है।

    हालांकि अभी तक सरकारी एजेंसियों ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी जानकारी गलत हाथों में जाने पर भविष्य में सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    रिपोर्ट के अनुसार, ‘वर्ल्ड लीक्स’ (World Leaks) नामक रैंसमवेयर ग्रुप ने डार्क वेब पर दावा किया कि उसने कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़ी हजारों गोपनीय फाइलें लीक की हैं। यह डेटा कथित तौर पर उस बड़े डेटाबेस का हिस्सा है जिसमें लगभग 8.58 लाख फाइलें शामिल थीं।

    बताया जा रहा है कि यह डेटा परियोजना से जुड़े एक ठेकेदार के सर्वर से प्राप्त किया गया। संबंधित कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसके डेटा की होस्टिंग करने वाले थर्ड पार्टी डेटा सेंटर में सुरक्षा संबंधी सेंध की घटना सामने आई थी और इसकी जानकारी संबंधित सरकारी एजेंसियों को दे दी गई है।

    लीक हुई फाइलों में क्या-क्या शामिल होने का दावा?

    सामने आई जानकारी के अनुसार, लीक किए गए दस्तावेजों में कई तकनीकी और प्रशासनिक रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें—

    • वेंटिलेशन और कूलिंग सिस्टम के इंजीनियरिंग ब्लूप्रिंट
    • कॉमन कंट्रोल रूम का फ्लोर प्लान
    • उपकरणों की निरीक्षण रिपोर्ट
    • सप्लायर और वेंडर से जुड़े दस्तावेज
    • बीमा रिकॉर्ड
    • प्रोजेक्ट मीटिंग के दस्तावेज
    • निर्माण से संबंधित तकनीकी जानकारी

    बताया जा रहा है कि अधिकांश दस्तावेज कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट की यूनिट-3 और यूनिट-4 से संबंधित हैं, जिनका निर्माण कार्य जारी है और इन्हें आगामी वर्षों में चालू किया जाना प्रस्तावित है।

    हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परमाणु रिएक्टर के मुख्य डिजाइन या संवेदनशील कोर सिस्टम से जुड़े दस्तावेज इस लीक का हिस्सा नहीं बताए गए हैं।

    विशेषज्ञों ने क्यों जताई चिंता?

    साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही किसी सक्रिय परमाणु रिएक्टर के संचालन से सीधे छेड़छाड़ का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन इस प्रकार की तकनीकी जानकारी भविष्य में सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार—

    • परियोजना से जुड़े सिस्टम की संरचना समझी जा सकती है।
    • सप्लाई चेन से जुड़े संभावित कमजोर बिंदुओं की पहचान संभव हो सकती है।
    • थर्ड पार्टी इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमलों का खतरा बढ़ सकता है।
    • संवेदनशील परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था का विश्लेषण किया जा सकता है।

    यही कारण है कि इस घटना को केवल डेटा लीक नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व के बुनियादी ढांचे से जुड़ी साइबर सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है।

    जांच में जुटीं एजेंसियां

    सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) तथा संबंधित परमाणु ऊर्जा संस्थानों की निगरानी में की जा रही है।

    डेटा सेंटर संचालित करने वाली कंपनी ने भी बताया कि संदिग्ध गतिविधि सामने आने के बाद प्रभावित सर्वर को अलग कर दिया गया था और आवश्यक साइबर सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे।

    हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लीक हुई जानकारी पूरी तरह वास्तविक है या नहीं। कई दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

    भारत के लिए क्यों अहम है यह मामला?

    भारत तेजी से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रणनीतिक परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है। ऐसे में परमाणु ऊर्जा संयंत्र, रक्षा प्रतिष्ठान, एयरपोर्ट, पावर ग्रिड और सरकारी नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की साइबर सुरक्षा पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

    साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि भविष्य के युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं बल्कि डिजिटल नेटवर्क के जरिए भी लड़े जाएंगे। ऐसे में महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा केवल भौतिक सुरक्षा तक सीमित नहीं रह सकती।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश के संवेदनशील डिजिटल नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित साइबर खतरे से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

    फिलहाल सरकारी एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लीक का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर कितना प्रभाव पड़ा है।

    Breaking News Cyber Attack Cyber Security Dark Web Data Leak India News Kudankulam Nuclear Plant NPCIL Ransomware Reliance Infrastructure Tamil Nadu World Leaks
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    sachin Singh

    Related Posts

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026

    PM मोदी से मिले सुप्रिया सुले समेत NCP-SP के 8 सांसद, 15 मिनट की बैठक में उठे सूखा-प्याज से नदी प्रदूषण तक के मुद्दे

    August 10, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    आज का मौसम
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,566 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

     

    TAJ Times is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    By sachin SinghAugust 10, 2026

    काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह यानी बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद…

    Also Read

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.