Close Menu
Taj TimesTaj Times

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Taj TimesTaj Times
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Taj TimesTaj Times
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»विदेश»होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका का बड़ा पलटवार! ईरान में कई ठिकानों पर बमबारी, मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा
    विदेश

    होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद अमेरिका का बड़ा पलटवार! ईरान में कई ठिकानों पर बमबारी, मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा युद्ध का खतरा

    sachin SinghBy sachin SinghJuly 12, 2026No Comments3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    होर्मुज जलडमरूमध्य में कथित हमले के बाद अमेरिका की सैन्य कार्रवाई

    मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि उसने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की शुरुआत की है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज पर कथित हमले के जवाब में की गई है।

    दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने देश के दक्षिणी हिस्सों में कई विस्फोटों की खबर दी है। हालांकि, घटनाओं के संबंध में दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

    CENTCOM ने क्या कहा?

    CENTCOM के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर इस सप्ताह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का तीसरा चरण शुरू किया गया। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की उन क्षमताओं को कमजोर करना है जिनका उपयोग कथित रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने में किया जाता है।

    अमेरिकी बयान में कहा गया कि कार्रवाई विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से की जा रही है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ?

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज एम/वी GFS Galaxy पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय कथित हमला हुआ।

    अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इस घटना में जहाज का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया, आग लग गई और चालक दल का एक सदस्य लापता है। इन दावों पर ईरान की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है, जहां किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ सकता है।

    ईरानी मीडिया में विस्फोटों की खबर

    ईरान की सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया संस्थाओं ने दक्षिणी क्षेत्रों में कई विस्फोटों की सूचना दी है।

    रिपोर्टों के अनुसार, केश्म (Qeshm) द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक क्षेत्र में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन घटनाओं से हुए नुकसान या संभावित हताहतों के संबंध में आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है।

    अमेरिका ने क्यों की कार्रवाई?

    अमेरिकी सेना का कहना है कि उसने पहले भी वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान समर्थित तत्वों को जिम्मेदार ठहराया था। अमेरिकी बयान के अनुसार, पूर्व में किए गए समझौतों और चेतावनियों के बावजूद कथित हमले जारी रहे, जिसके बाद सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

    अमेरिका का दावा है कि उसका उद्देश्य क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार का लंबा तनाव वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।

    दुनिया की नजर अगले कदम पर

    फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि ईरान इस सैन्य कार्रवाई पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाता है।

    संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं की ओर से भी क्षेत्र में संयम बरतने की अपील किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    CENTCOM IRGC अंतरराष्ट्रीय समाचार अमेरिका ईरान डोनाल्ड ट्रंप ब्रेकिंग न्यूज मध्य पूर्व विदेश समाचार वैश्विक तनाव सैन्य कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    sachin Singh

    Related Posts

    मिडिल ईस्ट में भड़की जंग की नई चिंगारी! ईरान के ड्रोन हमलों से अमेरिकी ठिकाने निशाने पर, ट्रंप की चेतावनी हुई बेअसर?

    August 5, 2026

    समुद्र के बीच अचानक धधक उठी फेरी! इंडोनेशिया में भीषण आग से मची चीख-पुकार, 5 की मौत, 41 लोग अब भी लापता

    August 2, 2026

    ‘पीएम मोदी ने मेरी बेटी को नया जीवन दिया…’ भावुक हुई मां, फिर रख दी ऐसी मांग जिसने सबको चौंका दिया

    August 2, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    आज का मौसम
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,566 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

     

     

    TAJ Times is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    By sachin SinghAugust 10, 2026

    काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह यानी बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद…

    Also Read

    बालेन शाह की ‘वन-टू-वन’ डिप्लोमेसी शुरू! PM बनते ही सबसे पहले भारत के राजदूत से मुलाकात, चीन-अमेरिका से पहले क्यों बढ़ाया हाथ?

    August 10, 2026

    मणिपुर हिंसा पर SC का बड़ा कदम! CBI-NIA मामलों के लिए बन सकती हैं 2 विशेष अदालतें, पीड़ितों को भी मिलेगा रिकॉर्ड तक पहुंच

    August 10, 2026

    पुलिस हिरासत में TMC कार्यकर्ता की मौत पर मचा बवाल, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश; 10 लाख की मदद, ममता के आरोपों पर शुभेंदु का पलटवार

    August 10, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.