भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने वर्ष 2026 की 12वीं (हायर सेकेंडरी) परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार का रिजल्ट कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। कुल 76% विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल स्थित सीएम हाउस में आयोजित कार्यक्रम में परिणाम जारी किया। रिजल्ट आते ही पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल देखने को मिला—कहीं मिठाइयां बांटी गईं तो कहीं छात्र-छात्राएं जश्न मनाते नजर आए।
टॉपर्स ने मचाया धमाल
इस बार मेरिट सूची में भोपाल की दो छात्राओं ने पहला स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने 500 में से 494 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से टॉप किया।
खुशी राय, शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल की छात्रा हैं, जबकि चांदनी गुरुदेव शिक्षा केंद्र, नीलबड़ से पढ़ाई कर रही हैं। दोनों की इस उपलब्धि ने प्रदेश भर में बेटियों की सफलता का एक और उदाहरण पेश किया है।

छात्राओं का दबदबा कायम
रिजल्ट में छात्राओं ने एक बार फिर बाजी मारी है। जहां 79.41% छात्राएं पास हुईं, वहीं छात्रों का पास प्रतिशत 72.39% रहा। यह अंतर दर्शाता है कि बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।
सरकारी स्कूलों का शानदार प्रदर्शन
इस बार सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 80.43% रहा, जबकि प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट 69.67% तक सीमित रहा। यह आंकड़े राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत देते हैं।
जिलों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर
रिजल्ट में जिलों के प्रदर्शन ने भी सबको चौंकाया। जहां सीधी जिला टॉप-5 में शामिल हुआ, वहीं पड़ोसी रीवा जिला बॉटम-5 में पहुंच गया।
बड़े शहरों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जबलपुर, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों की रैंकिंग काफी नीचे रही, जिससे शिक्षा विभाग के लिए चिंता के संकेत मिले हैं।
परीक्षा और आंकड़े
इस वर्ष 12वीं की परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी। परीक्षा में कुल 6,89,746 छात्र शामिल हुए, जिनमें 6,13,634 नियमित और 76,112 स्वाध्यायी परीक्षार्थी थे।
नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को राहत देते हुए 7 मई 2026 से द्वितीय अवसर परीक्षा भी आयोजित की जाएगी, जिससे असफल छात्र दोबारा मौका पा सकेंगे।
प्रेरणादायक कहानियां
इस बार कई छात्रों की सफलता की कहानियां भी सामने आईं। इटारसी के निखिल सोनी ने बिना कोचिंग के 95.2% अंक हासिल किए, जबकि हरदा के जय राठौड़ ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेरिट में स्थान पाया।
इन कहानियों ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
रिजल्ट देखने के विकल्प
छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर के माध्यम से देख सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 18002330175 भी जारी किया गया है, जहां छात्र अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।