उत्तर प्रदेश: के Mathura जिले के Vrindavan में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब यमुना नदी में पर्यटकों से भरा स्टीमर अचानक पलट गया। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 10 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
यह हादसा Yamuna River के केसी घाट के पास दोपहर करीब 2:45 बजे हुआ। स्टीमर में लगभग 30 पर्यटक सवार थे, जो पंजाब से घूमने के लिए वृंदावन आए थे।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और बचे हुए पर्यटकों के अनुसार, हादसे के समय मौसम अचानक खराब हो गया था। तेज हवाएं चल रही थीं, जिसकी रफ्तार करीब 30 से 31 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।
पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं से आए पर्यटक मनोहर लाल ने बताया कि स्टीमर नदी के बीच पहुंचते ही अनियंत्रित हो गया। तेज हवा के कारण उसकी गति बढ़ गई और वह पास के पीपा पुल से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्टीमर संतुलन खो बैठा और पलट गया।
मौत और लापता लोगों की संख्या
मथुरा के जिला अधिकारी Chandra Prakash Singh ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।
वहीं, राहत की बात यह है कि करीब 15 से 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, 10 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
इसके अलावा करीब 50 स्थानीय गोताखोर भी बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। गोताखोर गुलाब ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और अब तक कई लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।
हालांकि, यमुना का गहरा पानी और तेज धारा बचाव कार्य में बाधा बन रही है।
भीड़ बनी परेशानी
हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिससे बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें आईं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौके से दूर रहें और रेस्क्यू टीम को अपना काम करने दें।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सर्च ऑपरेशन जारी है।
पर्यटकों में मचा कोहराम
हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। एक महिला ने रोते हुए बताया कि उनका 100 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था और अचानक स्टीमर पलटने से कई लोग पानी में गिर गए।
घटना के बाद यमुना किनारे पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपने परिजनों की तलाश में जुट गए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद नदी में चलने वाले स्टीमर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। क्या स्टीमर में लाइफ जैकेट मौजूद थीं? क्या मौसम खराब होने के बावजूद संचालन जारी था?
ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
वृंदावन में हुआ यह हादसा एक बड़ी त्रासदी के रूप में सामने आया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि कई अब भी अपनों की तलाश में हैं।
यह घटना न केवल सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी बताती है कि पर्यटन स्थलों पर सतर्कता कितनी जरूरी है। अब सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच रिपोर्ट पर टिकी है।