कोलकाता: में चुनावी माहौल के बीच भारत-पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर उसने भारत, खासकर बंगाल की ओर बुरी नजर डाली, तो “भगवान ही जाने इस बार उसके कितने टुकड़े हो जाएंगे।”
यह बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उस धमकी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भविष्य में किसी भी संघर्ष का दायरा कोलकाता तक पहुंच सकता है।
क्या कहा राजनाथ सिंह ने?
मंगलवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान मीडिया से बातचीत में राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को इस तरह के भड़काऊ बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने 1971 के इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बंटा था, तब उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़े थे।
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर पाकिस्तान ने फिर ऐसी हरकत की, तो इस बार हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
पाकिस्तान की धमकी से बढ़ा तनाव
दरअसल, 4 अप्रैल को सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ख्वाजा आसिफ ने भारत को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर भारत “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” करता है, तो जवाब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े शहरों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिसमें कोलकाता का नाम भी शामिल था।
इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल तेज हो गई।

बंगाल चुनाव में बना बड़ा मुद्दा
पश्चिम बंगाल में जारी चुनावी माहौल के बीच इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़े ऐसे गंभीर मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब पाकिस्तान कोलकाता को धमकी देता है, तब सरकार को सख्त प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
उमर अब्दुल्ला ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को कोलकाता तक पहुंचने का ख्याल छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी भारत के खिलाफ ऐसी कोशिशों में सफल नहीं हो पाया है।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
यह पहला मौका नहीं है जब राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर इस तरह का सख्त बयान दिया हो। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि “सीमाएं कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता” और सिंध क्षेत्र को सांस्कृतिक रूप से भारत का हिस्सा बताया था।
क्या है इसका राजनीतिक और रणनीतिक महत्व?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल में राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ रणनीतिक संकेत भी होते हैं। भारत यह स्पष्ट करना चाहता है कि किसी भी तरह की धमकी या आक्रामकता का जवाब कड़े रूप में दिया जाएगा।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की ओर से दिए गए बयान क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने वाले माने जा रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है।