देश: की राजधानी दिल्ली में सोमवार को एक चौंकाने वाली सुरक्षा चूक सामने आई, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया। दिल्ली विधानसभा परिसर में एक नकाबपोश व्यक्ति कार से गेट तोड़कर अंदर घुस गया और कुछ ही मिनटों में एक संदिग्ध हरकत को अंजाम देकर फरार हो गया। इस पूरी घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।
घटना सोमवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब एक सफेद एसयूवी कार अचानक विधानसभा परिसर के VIP गेट नंबर-2 पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक ने बिना रुके गेट पर जोरदार टक्कर मारी, जिससे लोहे का गेट टूट गया और बूम बैरियर भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद कार सीधे परिसर के अंदर घुस गई।
पुलिस के मुताबिक, कार चला रहा व्यक्ति सरबजीत सिंह था, जिसकी पहचान यूपी के पीलीभीत निवासी के रूप में हुई है। कार भी उसी के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सरबजीत सिंह ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परिसर के अंदर घुसने के बाद आरोपी ने किसी तरह की तोड़फोड़ या हमला नहीं किया, बल्कि एक जगह पर जाकर एक गुलदस्ता रख दिया और फिर उसी तेजी से वापस निकल गया। इस असामान्य हरकत ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे परिसर को तुरंत घेर लिया गया और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि शुरुआती जांच में किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि किस तरह कार ने गेट को तोड़ा और अंदर घुसकर कुछ ही मिनटों में बाहर निकल गई।
दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज दो घंटे के भीतर तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। इनमें मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह के अलावा दो अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना के पीछे कोई साजिश थी या यह किसी तरह का स्टंट या विरोध प्रदर्शन था।
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस तरह से एक वाहन VIP गेट को तोड़कर विधानसभा परिसर में घुस गया, वह सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मौके पर विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है, जिसमें आरोपी की मंशा, उसके संपर्क और संभावित साजिश की जांच शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में इस तरह की घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है। यह घटना दिखाती है कि सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी चूक भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।
दिल्ली विधानसभा में हुई यह सुरक्षा चूक एक गंभीर मामला है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस घटना के पीछे असली मंशा क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।