असम: के धेमाजी जिले में आयोजित चुनावी रैली में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए विकास और भविष्य की बड़ी योजनाओं का खाका पेश किया। यह असम में उनकी पहली चुनावी रैली थी, जिसमें उन्होंने भाजपा-एनडीए की जीत का भरोसा जताते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस बार भी जनता का समर्थन भाजपा के साथ है और राज्य में “जीत की हैट्रिक” तय है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस के राजकुमार अब हार का शतक लगाने वाले हैं”, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
चाय के साथ ‘चिप’ बनेगी असम की पहचान
रैली में प्रधानमंत्री ने असम के विकास को लेकर बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि अब असम की पहचान सिर्फ चाय तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहां सेमीकंडक्टर (चिप) इंडस्ट्री भी विकसित की जाएगी। इससे राज्य तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा हब बन सकता है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में मोबाइल, टीवी, कार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स असम में बनाई जाएंगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रैली से पहले चाय बागान में पहुंचे पीएम
प्रधानमंत्री ने अपनी रैली से पहले डिब्रूगढ़ में चाय बागान का दौरा किया और वहां काम करने वाली महिला श्रमिकों से बातचीत की। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस अनुभव को साझा करते हुए लिखा कि “असम की चाय उसकी आत्मा है”।
यह कदम स्थानीय लोगों से जुड़ाव और जमीनी स्तर पर संवाद का एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
विकास कार्यों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों में किए गए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने बताया कि राज्य में 22 लाख से अधिक परिवारों को पक्के घर दिए जा चुके हैं और आने वाले समय में 15 लाख और घर देने की योजना है।
उन्होंने शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। ‘लखपति दीदी’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और भविष्य में इस संख्या को और बढ़ाया जाएगा।
बाढ़ मुक्त असम का वादा
असम में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या को लेकर प्रधानमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ शुरू किया है। इसके तहत आधुनिक तटबंध और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य को बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
किसानों और युवाओं के लिए घोषणाएं
प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए भी कई योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को मुआवजा दिया गया है। इसके अलावा युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले राज्य में हिंसा और अस्थिरता का माहौल था, लेकिन अब हजारों युवाओं ने मुख्यधारा में लौटकर विकास के रास्ते को अपनाया है।
कांग्रेस पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दशकों तक असम के विकास को नजरअंदाज किया और समाज को बांटने की राजनीति की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 60-65 सालों में सिर्फ तीन बड़े पुल बनाए, जबकि भाजपा सरकार ने 11 वर्षों में पांच बड़े पुलों का निर्माण किया।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस केवल वोट बैंक की राजनीति करती है और अब फिर से पुराने एजेंडे को लागू करने की कोशिश कर रही है।
‘मोदी की गारंटी’ पर जोर
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने ‘मोदी की गारंटी’ का जिक्र करते हुए कहा कि असम की पहचान, संस्कृति और मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य का विकास और तेज गति से होगा।