पश्चिम बंगाल: के चुनावी रण में सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बनगांव में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में ही TMC का “घमंड टूट चुका है” और अब दूसरे चरण में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत तय नजर आ रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि TMC सरकार के शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि “छोटे-छोटे नेता और गुंडे खुद को सरकार समझने लगे हैं।” मोदी ने कहा कि बंगाल में अब बदलाव की लहर साफ दिखाई दे रही है और जनता ‘पलटानो दरकार’ यानी बदलाव चाहती है।
‘मां-माटी-मानुष’ पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर निशाना साधते हुए कहा कि TMC कभी ‘मां, माटी, मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि वे इन शब्दों को बोल भी नहीं सकते।
उन्होंने कहा, “अगर ये लोग ‘मां, माटी, मानुष’ बोलेंगे, तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। बंगाल में अब इन तीनों का सम्मान खत्म हो चुका है।”
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
मोदी ने बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी TMC सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने संदेशखाली पीड़िता और आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े मामले की पीड़िता के परिवार को चुनाव में टिकट देकर यह दिखाया है कि पार्टी महिलाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार अपराधियों के साथ खड़ी रहती है और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती।

उद्योग और रोजगार का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने बंगाल के औद्योगिक पतन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हुगली नदी के किनारे का इलाका कभी मिलों और फैक्ट्रियों का केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब वहां ताले लगे हैं।
“अंग्रेजों के समय से चल रही फैक्ट्रियां भी बंद हो रही हैं। आज यहां सिर्फ सिंडिकेट, कट-मनी और कमीशनखोरी की दुकान चल रही है,” उन्होंने कहा।
मतुआ समुदाय को साधने की कोशिश
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मतुआ समुदाय से जुड़े पवित्र स्थल भी गए। यह समुदाय बंगाल की राजनीति में अहम भूमिका निभाता है और चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है।
दूसरे चरण की वोटिंग पर नजर
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जिसमें कई अहम सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा है और भाजपा, TMC के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
सुरक्षा और सियासी हलचल
कोलकाता समेत कई जिलों में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया है ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। वहीं, भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच कुछ जगहों पर झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।
भाजपा सांसद Ravi Kishan ने हावड़ा में रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की, जब कुछ TMC समर्थक कार्यक्रम में घुस गए थे।
पश्चिम बंगाल का यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की परीक्षा बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के आक्रामक तेवर और TMC के जवाबी हमले इस मुकाबले को और रोचक बना रहे हैं। अब नजरें 29 अप्रैल के मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो बंगाल की राजनीति की दिशा तय करेंगे।