राष्ट्रीय: राजधानी दिल्ली में सोमवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक से पहले राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया। बैठक शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों में ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े किए गए। इन पोस्टरों ने विपक्षी गठबंधन के भीतर एकता और नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
पोस्टरों में विभिन्न विपक्षी नेताओं के पुराने बयान दिखाए गए हैं। इनमें दावा किया गया कि अतीत में कई सहयोगी दलों के नेताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की थी। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया और यह सवाल उठने लगा कि क्या INDIA ब्लॉक के भीतर सबकुछ सामान्य है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर संयमित प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि उन्होंने ऐसे पोस्टर देखे ही नहीं हैं। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। कांग्रेस का मानना है कि विपक्षी एकता को कमजोर करने के लिए इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां की जा रही हैं।
दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) ने राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर बयान दिया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि जो लोग उनकी क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं, वे वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों को नहीं समझते। राउत ने कहा कि राहुल गांधी देश के सबसे सक्रिय और संघर्षशील विपक्षी नेताओं में से एक हैं और उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

राउत ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल राहुल गांधी की बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता से परेशान है। उन्होंने कहा कि INDIA ब्लॉक का उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना है और विपक्षी दल इसी एजेंडे के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस बैठक को विपक्षी एकता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद यह INDIA गठबंधन की पहली बड़ी औपचारिक बैठक है। सूत्रों के अनुसार लगभग 23 विपक्षी दल इस बैठक में भाग लेने वाले हैं।
बैठक में आने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय, साझा कार्यक्रम और सीट बंटवारे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। विपक्षी दल इस बैठक के जरिए यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि वे भाजपा के खिलाफ एकजुट हैं और भविष्य की राजनीतिक लड़ाई के लिए तैयार हैं।
हालांकि बैठक से पहले हुए पोस्टर विवाद ने यह भी दिखाया है कि विपक्षी राजनीति में नेतृत्व का मुद्दा अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि INDIA ब्लॉक को मजबूत विकल्प के रूप में उभरना है तो उसे आंतरिक मतभेदों को कम करते हुए साझा नेतृत्व और साझा एजेंडा पर आगे बढ़ना होगा।
फिलहाल सभी की निगाहें बैठक के नतीजों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी दल पोस्टर विवाद को पीछे छोड़कर एकजुटता का संदेश देने में कितने सफल होते हैं।
INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले सामने आए पोस्टरों ने विपक्षी राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर उठे सवालों के बीच कांग्रेस और सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि गठबंधन आने वाले चुनावों के लिए कितनी मजबूती से आगे बढ़ पाता है।