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पंजाब में चुनावी बिगुल बजा! 26 मई को निकाय चुनाव, आचार संहिता लागू; 36 लाख वोटर तय करेंगे शहरों की सत्ता

पंजाब: की राजनीति में एक बार फिर चुनावी हलचल तेज हो गई है। राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को पंजाब में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान कर दिया। इसके साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

राज्य चुनाव अधिकारी राजकमल चौधरी ने पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पंजाब में 26 मई 2026 को मतदान कराया जाएगा, जबकि 29 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

चुनाव आयोग के इस ऐलान के बाद अब सभी राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगी वोटिंग

राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, 26 मई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा और निगरानी के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया 13 मई से शुरू होगी और 16 मई तक उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच होगी और 19 मई को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।

किन निकायों में होंगे चुनाव?

इस बार पंजाब में कुल 8 नगर निगमों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। इसके अलावा—

  • 76 नगर परिषद
  • 21 नगर पंचायतें

भी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा होंगी।

स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राज्यभर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिए हैं और विभिन्न दल टिकट वितरण की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

36 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला

चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार कुल 36,72,932 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें बड़ी संख्या में युवा और महिला मतदाता शामिल हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब के शहरी क्षेत्रों में होने वाले ये चुनाव आगामी विधानसभा राजनीति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

चुनाव खर्च की सीमा तय

राज्य चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी है। नगर निगम चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अधिकतम 4 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे।

आयोग ने साफ किया है कि सभी उम्मीदवारों को खर्च का पूरा हिसाब देना होगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियम उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी

इस बार चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए हर चरण की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

चुनाव आयोग ने अधिकारियों को निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार पर भी नजर रखी जाएगी।

आचार संहिता लागू, सरकार पर लगी पाबंदियां

चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ ही पूरे पंजाब में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। अब सरकार कोई नई योजना, घोषणा या शिलान्यास नहीं कर सकेगी।

सरकारी विज्ञापनों, उद्घाटनों और राजनीतिक लाभ देने वाली घोषणाओं पर भी रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं।

राजनीतिक दलों ने शुरू की रणनीति

निकाय चुनाव के एलान के बाद राजनीतिक दल पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए हैं। आम आदमी पार्टी अपनी सरकार के कामकाज को जनता के बीच लेकर जाएगी, जबकि कांग्रेस और भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी कर रही हैं।

शहरी इलाकों में विकास, सफाई, पानी, सड़क और बिजली जैसे मुद्दे चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव पंजाब के राजनीतिक माहौल की दिशा तय करने वाले साबित हो सकते हैं।

पंजाब में निकाय चुनाव का एलान होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। 26 मई को होने वाला मतदान राज्य की शहरी राजनीति की नई तस्वीर तय करेगा। अब सभी दलों की नजर 36 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर है, जो नगर निगमों और परिषदों की सत्ता का फैसला करेंगे।

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