लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में बड़ा चुनावी ऐलान करते हुए कहा कि अगर प्रदेश में सपा की सरकार बनती है तो बेटियों की केजी से लेकर पीजी तक की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त कर दी जाएगी। इसके साथ ही गरीबों के लिए मुफ्त इलाज और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का भी वादा किया।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश महिला अपराध के मामलों में नंबर-1 बन चुका है और जो सरकार “जीरो टॉलरेंस” की बात करती है, उसने कानून व्यवस्था को पूरी तरह जीरो कर दिया है।
सपा प्रमुख ने कहा, “हमने भाजपा को 2024 में हराया था और 2027 में भी जनता उन्हें हराएगी। इस बार जनता बदलाव के मूड में है।”
इस दौरान अखिलेश यादव ने मंत्री ओम प्रकाश राजभर के हालिया बयान पर भी तीखा जवाब दिया। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखिलेश पर तंज कसते हुए लिखा था कि वह चुनाव जीतने के लिए “टोटकों” का सहारा ले रहे हैं और उन्होंने “कव्वालों जैसे बाल” बढ़ा लिए हैं।
इस पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा, “कुछ कहेंगे तो उन्हें बुरा लग जाएगा। ‘चल सन्यासी मंदिर में…’ किसका बयान था? ये संन्यासी कौन था? जिनको कंघे की जरूरत नहीं है। मैं तो कम से कम कंघी कर सकता हूं।”

अखिलेश के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियां बजाईं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सपा अब भाजपा के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों पर भी आक्रामक रणनीति अपनाने लगी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी नजर सिर्फ उत्तर प्रदेश पर नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में हो रहे घटनाक्रम पर भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक अपडेट को मॉनिटर किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग और भाजपा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम काटे गए थे। उन्होंने सुल्तानपुर के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति जो हस्ताक्षर तक नहीं कर सकता, उसके नाम से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश की गई।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी शिकायतों पर चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
इसके अलावा उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “लगता है यूपी में फिर ईडी आने वाली है। पहले भी छापा पड़ा था और 250 करोड़ रुपये मिलने की बात कही गई थी। बाद में पता चला कि वो पैसा भाजपा का था।”
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने साफ कहा कि उनका गठबंधन मजबूत है और मुश्किल समय में साथ छोड़ने वालों में सपा शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के लिए विपक्ष एकजुट रहेगा।
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर सरकारी संपत्तियां बेचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लखनऊ का पलासियो मॉल, किसान बाजार और होटल जैसी कई सरकारी संपत्तियां निजी हाथों में सौंप दी गईं। उन्होंने भाजपा पर पूंजीवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
ईवीएम को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब स्मार्ट मीटर को दूर से कंट्रोल किया जा सकता है तो ईवीएम को हैक क्यों नहीं किया जा सकता?
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने घोषणा की कि सपा सरकार बनने पर गोमती रिवरफ्रंट पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही महाराणा प्रताप जयंती पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का भी वादा किया।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज और फ्री बिजली जैसे बड़े वादों के जरिए चुनावी माहौल गरमा दिया है। साथ ही भाजपा और सहयोगी दलों पर उनके तीखे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि यूपी की सियासत आने वाले समय में और अधिक आक्रामक होने वाली है।