उत्तर प्रदेश: में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने देर रात 40 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस व्यापक फेरबदल में 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदल दिए गए हैं, जिससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा और दिशा देने की कोशिश की जा रही है।
सरकार द्वारा जारी सूची में कई बड़े और अहम नाम शामिल हैं। परिवहन आयुक्त रहीं किंजल सिंह को हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है, जबकि हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस बदलाव को शासन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी तरह, पंकज कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रबंध निदेशक पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी नितीश कुमार को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंकज कुमार को फिलहाल कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इस पद पर बदलाव को लेकर गंभीर थी।
15 जिलों में बदले गए DM
इस तबादला सूची में राज्य के 15 जिलों के जिलाधिकारी बदले गए हैं। इनमें से कई अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर किया गया है, जबकि कुछ को पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है।
उदाहरण के तौर पर, उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का डीएम बनाया गया है, जबकि सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है। इसी तरह सहारनपुर, अमरोहा, फतेहपुर, मैनपुरी और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में भी नए डीएम की नियुक्ति की गई है।

प्रमोशन और नई जिम्मेदारियां
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। लखीमपुर खीरी की डीएम रहीं दुर्गाशक्ति नागपाल को प्रमोशन देकर देवीपाटन मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया है।
वहीं, आगरा के डीएम रहे अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। झांसी के डीएम मृदुल चौधरी और फतेहपुर के डीएम रविंदर सिंह को भी विशेष सचिव के रूप में नई भूमिका दी गई है।
पहली बार जिले की कमान
इस सूची में कुछ ऐसे IAS अधिकारी भी शामिल हैं जिन्हें पहली बार जिलाधिकारी बनने का मौका मिला है। इससे युवा प्रशासनिक अधिकारियों को आगे बढ़ाने की सरकार की नीति साफ नजर आती है।
ब्रजेश कुमार, आलोक यादव, अभिषेक गोयल और इंद्रजीत सिंह जैसे अधिकारियों को पहली बार जिले की जिम्मेदारी दी गई है। यह कदम प्रशासनिक नेतृत्व को मजबूत करने और नए दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
MSME और अन्य विभागों में भी बदलाव
औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार से MSME और निर्यात प्रोत्साहन विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। इसके पीछे काम के अधिक दबाव और विभागीय कार्यों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील को MSME विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है, जिससे इस क्षेत्र में कार्यों को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।
ट्रांसफर के पीछे कारण
सूत्रों के अनुसार, यह तबादला सूची लंबे मंथन के बाद जारी की गई है। कई विभागों में कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें और असंतोष की स्थिति बनी हुई थी, जिसे सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।
खासतौर पर स्मार्ट मीटर विवाद और बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं के चलते कुछ अहम पदों पर बदलाव जरूरी समझा गया।
उत्तर प्रदेश में 40 IAS अधिकारियों का यह बड़ा तबादला प्रशासनिक सुधार और बेहतर शासन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई नियुक्तियों से जहां शासन को नई गति मिलने की उम्मीद है, वहीं बदले गए अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां भी होंगी। आने वाले समय में इन बदलावों का असर राज्य की प्रशासनिक कार्यशैली पर साफ दिखाई देगा।