Agra: में खुद को भाजपा नेता बताने वाले महिपाल चौधरी का एक नया वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गरमा गया है। इस वीडियो में महिपाल एक होटल के कमरे में कुर्सी पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि सामने दो युवतियां डांस कर रही हैं। कमरे में शराब की बोतलें और गिलास भी नजर आ रहे हैं।
हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस इस वीडियो की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसे किसने रिकॉर्ड किया और वायरल कैसे किया गया।
खुद को भाजपा नेता बताता था आरोपी
महिपाल चौधरी शहर में खुद को Bharatiya Janata Party का मीडिया प्रभारी बताता था। उसने कई जगह अपने पोस्टर और होर्डिंग भी लगवा रखे थे।
लेकिन इस मामले के सामने आने के बाद भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने उससे पूरी तरह दूरी बना ली है। आगरा के महानगर अध्यक्ष Rajkumar Gupta ने साफ कहा कि महिपाल चौधरी का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और वह भाजपा का अधिकृत कार्यकर्ता नहीं है।
होटल में रंगदारी मांगने का आरोप
पूरा मामला 6 अप्रैल का बताया जा रहा है, जब महिपाल चौधरी Smart View Inn Hotel पहुंचा। होटल संचालक अनिल कुमार के अनुसार, आरोपी काली स्कॉर्पियो से दो महिलाओं और अपने साथियों के साथ होटल आया था।
होटल में प्रवेश करते ही उसने खुद को अफसर बताते हुए स्टाफ को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद उसने होटल के रजिस्टर और आईडी चेक करने के बहाने कमरों की तलाशी ली।
आरोप है कि इसी दौरान उसने होटल संचालक से 2 लाख रुपए की रंगदारी मांगी।
पुलिस के आने से पहले फरार
जब होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी, तब तक महिपाल चौधरी मौके से फरार हो चुका था। बाद में 10 अप्रैल को पुलिस ने उसके खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कर लिया।
हालांकि, इससे पहले ही 9 अप्रैल को उसे Hathras पुलिस ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब आगरा पुलिस उसे बी-वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है।

वीडियो वायरल होने से बढ़ा मामला
महिपाल चौधरी की गिरफ्तारी के बाद होटल के कमरे का यह वीडियो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर वायरल हो गया। पुलिस का मानना है कि यह वीडियो पार्टी में मौजूद किसी व्यक्ति या होटल के स्टाफ ने रिकॉर्ड किया होगा।
वीडियो में दिख रहा है कि महिपाल आराम से बैठा है और सामने डांसर प्रदर्शन कर रही हैं, जिससे उसकी गतिविधियों पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहले भी रहे हैं कई मामले दर्ज
पुलिस जांच में सामने आया है कि महिपाल चौधरी पर पहले भी रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के कई मामले दर्ज हैं। वह बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्यों और नई बिल्डिंग्स पर नजर रखता था, फिर वहां जाकर धमकाकर पैसे वसूलता था।
हाथरस में एक डॉक्टर को धमकाकर 10 लाख रुपए की मांग करने के मामले में भी उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। उस घटना में एक मरीज की मौत के बाद उसने प्रदर्शन कर दबाव बनाया था।
राजनीतिक फोटो और पहचान का खेल
महिपाल चौधरी के सोशल मीडिया पर कई भाजपा नेताओं के साथ फोटो भी सामने आए हैं। यही नहीं, वह हाल ही में एक जनसभा में मीडिया कर्मी बनकर भी पहुंचा था।
इससे यह सवाल उठता है कि कैसे कोई व्यक्ति बिना आधिकारिक पहचान के खुद को नेता बताकर लोगों को भ्रमित कर रहा था।
आगरा में महिपाल चौधरी का मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फर्जी पहचान, रंगदारी और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। भाजपा ने उससे दूरी बनाकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।