उत्तर प्रदेश: के Agra शहर के व्यस्त इलाके Kinari Bazar में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब करीब 150 साल पुरानी चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसा रात करीब 12:45 बजे हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय बाजार बंद था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन आसपास की दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई और देखते ही देखते पूरी इमारत धूल के गुबार के साथ जमीन पर आ गिरी। आसपास के लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय निवासी प्रदीप ने बताया, “हम पास में ही थे, अचानक जोरदार आवाज आई। कुछ समझ पाते उससे पहले ही बिल्डिंग गिर गई। भगवान का शुक्र है कि हम बच गए।”
150 साल पुरानी थी इमारत
जानकारी के अनुसार, यह इमारत करीब डेढ़ सदी पुरानी थी और लंबे समय से खाली पड़ी थी। इसकी जर्जर हालत को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इमारत के पीछे पिछले एक साल से निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे यह हादसा हुआ।
निर्माण कार्य पर उठे सवाल
लोगों का कहना है कि नियमानुसार पहले सामने की जर्जर इमारत को हटाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बजाय पीछे निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिससे इमारत की संरचना कमजोर हो गई और अंततः वह ढह गई।
दिन में यहां मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन हादसा रात में हुआ, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अगर यह घटना दिन में होती, तो कई लोगों की जान जा सकती थी।
दुकानों को भारी नुकसान
हादसे में एक सजावट के सामान की दुकान पूरी तरह मलबे में दब गई। दुकान में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। वहीं पास में स्थित ‘पंजाब बूट हाउस’ नाम की फुटवियर दुकान को भी नुकसान पहुंचा है।
दुकान के कर्मचारी पूरन ने बताया कि मलबा हटाने के बाद ही असली नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकेगा। फिलहाल दुकान के सामने भारी मलबा जमा है, जिससे उसे खोला नहीं जा सका है।
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और स्थिति का जायजा लेने लगे।
स्थानीय निवासी जगदीश का कहना है कि पास की इमारतों में भी दरारें आ सकती हैं, जिससे भविष्य में और खतरा बना हुआ है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को बैरिकेड कर दिया गया। सड़क पर फैले मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और ट्रॉलियों की मदद ली जा रही है।
प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रास्ता बंद कर दिया है और आसपास के क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है।
जांच के आदेश
फिलहाल हादसे के सही कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर इसे निर्माण कार्य में लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है।
अगर जांच में लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
आगरा के किनारी बाजार में हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि जर्जर इमारतों और निर्माण कार्य में लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
भले ही इस बार जनहानि टल गई, लेकिन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियमों का पालन और निगरानी बेहद जरूरी है।