देश: के तीन महत्वपूर्ण राज्यों—असम, केरल और पुडुचेरी—में आज विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में मतदान जारी है। कुल 296 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, और शुरुआती रुझानों के मुताबिक मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
दोपहर 1 बजे तक असम में 59.63%, केरल में 49.70% और पुडुचेरी में 56.83% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार तीनों राज्यों में 10 लाख से अधिक मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मतदान से पहले कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने गुवाहाटी के जालुकबारी क्षेत्र में अपनी पत्नी के साथ वोट डाला। हिमंता की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
वहीं केरल में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कन्नूर में मतदान किया। खास बात यह है कि केरल में पहली बार कोई मौजूदा मुख्यमंत्री लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने तिरुवनंतपुरम में वोट डालने के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केरल के लोग भाजपा को पसंद नहीं करते और राज्य में बदलाव की लहर है।
पुडुचेरी में चुनावी माहौल के बीच तनाव भी देखने को मिला। मन्नादिपेट इलाके में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि प्रशासन ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी ने अलग अंदाज में मतदान किया। वे मोटरसाइकिल से पोलिंग बूथ पहुंचे और वोट डालकर लोगों से मतदान करने की अपील की। वे इस बार पांचवीं बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहे हैं।

चुनावी आंकड़ों की बात करें तो असम में 126 सीटों पर 41 पार्टियों के 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। केरल में 2.71 करोड़ मतदाता 890 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं, जबकि पुडुचेरी में 20 पार्टियों के 294 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव के दौरान कई दिलचस्प तस्वीरें भी सामने आईं। पुडुचेरी में एक पोलिंग बूथ पर रोबोट द्वारा मतदाताओं का फूलों से स्वागत किया गया, जो तकनीक और लोकतंत्र के अनोखे मेल का उदाहरण बना। केरल में बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता भी बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी की मजबूत तस्वीर सामने आई।
इसके अलावा, केरल में फिल्म अभिनेता मोहनलाल और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों ने भी मतदान कर लोगों को प्रेरित किया। असम के कुछ इलाकों में बारिश के कारण मतदान प्रभावित हुआ, लेकिन प्रशासन ने व्यवस्था संभालते हुए प्रक्रिया को जारी रखा।
राजनीतिक दृष्टिकोण से ये चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। असम में भाजपा अपनी सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है, केरल में वामपंथी सरकार इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है, जबकि पुडुचेरी में बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
मतदान खत्म होने के बाद सभी की नजरें अब नतीजों पर टिकी होंगी, जो यह तय करेंगे कि इन राज्यों की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
असम, केरल और पुडुचेरी में जारी मतदान ने एक बार फिर लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाया है। हालांकि कुछ जगहों पर तनाव और झड़पें हुईं, लेकिन कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है। अब देखना होगा कि जनता किसे सत्ता की कमान सौंपती है।