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बंगाल में सियासी संग्राम तेज! शाह का ‘भतीजा CM’ वार, ममता का पलटवार—“सांप पर भरोसा, BJP पर नहीं”

पश्चिम बंगाल: की राजनीति में चुनाव से पहले सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। एक ओर Amit Shah ने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर तीखा हमला बोला, वहीं ममता बनर्जी ने भी उसी अंदाज में पलटवार करते हुए बीजेपी पर बड़ा बयान दे दिया।

शाह का आरोप—‘भतीजे को CM बनाना चाहती हैं ममता’

देबरा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए Amit Shah ने कहा कि ममता बनर्जी को बंगाल की जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उनका पूरा ध्यान अपने भतीजे Abhishek Banerjee को मुख्यमंत्री बनाने पर है।

शाह ने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में ‘मा, माटी, मानुष’ का नारा देने वाली सरकार ने युवाओं, किसानों और आम जनता को निराश किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी और असुरक्षा बढ़ी है।

घुसपैठ पर भी साधा निशाना

अपने भाषण में Amit Shah ने घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त कराना चाहती है, जबकि राज्य सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी सत्ता में आने पर हर घुसपैठिये की पहचान कर उसे राज्य से बाहर निकालेगी।

ममता का पलटवार—“BJP पर भरोसा नहीं”

उधर, नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए Mamata Banerjee ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, “सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन बीजेपी पर नहीं।” इस बयान के जरिए उन्होंने बीजेपी की नीतियों और वादों पर सवाल खड़े किए।

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि बीजेपी केवल चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाती है।

BJP का ‘भरोसे का पत्र’ जारी

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल के लिए अपना घोषणा पत्र जारी किया, जिसे ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया गया है।

इस घोषणा पत्र में कई बड़े वादे किए गए हैं, जिनमें—

  • महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता
  • बेरोजगार युवाओं को ₹3000 मासिक भत्ता
  • सरकार बनने के 6 महीने के भीतर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना
  • सरकारी कर्मचारियों को 45 दिनों के भीतर सातवां वेतनमान देना

इन वादों के जरिए बीजेपी राज्य के विभिन्न वर्गों को साधने की कोशिश कर रही है।

चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। Amit Shah और Mamata Banerjee के बीच यह तकरार उसी का हिस्सा मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा होते हैं, जिससे वोटरों को प्रभावित किया जा सके।

क्या कहता है सियासी समीकरण?

पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। एक ओर बीजेपी विकास और सुरक्षा के मुद्दों को उठा रही है, तो दूसरी ओर टीएमसी अपनी योजनाओं और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर जनता को साधने में लगी है।

Abhishek Banerjee का नाम भी इस बार चुनावी चर्चा का केंद्र बन गया है, क्योंकि उन्हें ममता बनर्जी का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है।

बंगाल की राजनीति में इस समय आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। अमित शाह और ममता बनर्जी के बीच चल रही बयानबाजी चुनावी माहौल को और गरमा रही है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन दावों और वादों पर कितना भरोसा करती है और चुनावी नतीजे किसके पक्ष में जाते हैं।

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