“कभी हेमा-मुमताज को दी थी टक्कर, अब इस तस्वीर में पहचानना मुश्किल!”

कुमकुम को फिल्म इंडस्ट्री में लाने का श्रेय लेजेंड्री डायरेक्टर गुरु दत्त को जाता है। उन्होंने ही सबसे पहले कुमकुम को सिल्वर स्क्रीन पर पेश किया। गुरु दत्त ने उन्हें अपने गाने ‘कभी आर कभी पार’ में मौका दिया, जो बहुत बड़ा हिट रहा और इसी गाने से कुमकुम को पहचान मिली। उनके अभिनय और नृत्य ने दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि वह जल्द ही हर निर्माता-निर्देशक की पसंद बन गईं।
एक सफल करियर, 100 से भी ज्यादा फिल्में
कुमकुम ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। ‘मदर इंडिया’, ‘कोहिनूर’, ‘सन ऑफ इंडिया’, ‘नया दौर’, ‘एक सपेरा एक लुटेरा’, ‘गीत’, ‘गंगा की लहरें’ जैसी फिल्मों में उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया। वह न केवल हिंदी सिनेमा में, बल्कि भोजपुरी फिल्मों में भी काफी सक्रिय रहीं। भोजपुरी की पहली फिल्म ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’ में भी उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी।
धर्मेंद्र की पहली हीरोइन
बहुत कम लोगों को पता है कि सुपरस्टार धर्मेंद्र की पहली फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ में उनकी हीरोइन कुमकुम ही थीं। उस समय धर्मेंद्र इंडस्ट्री में नए थे और कुमकुम पहले से स्थापित अभिनेत्री थीं। बावजूद इसके उन्होंने नए कलाकार को भरपूर सहयोग दिया, जिससे धर्मेंद्र ने अपने करियर की मजबूत शुरुआत की।
निजी जीवन और परिवार
कुमकुम का जन्म बिहार के शेखपुरा जिले के हुसैनाबाद में हुआ था। उनके पिता नवाब मंजूद हसन खान स्थानीय जमींदार थे। उनकी एक बहन राधिका भी अभिनेत्री थीं। कुमकुम बचपन से ही संगीत, नृत्य और अभिनय में रुचि रखती थीं। यही लगाव उन्हें मुंबई ले आया और उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में साबित कर दिखाया।
आज हमारे बीच नहीं, लेकिन यादें ज़िंदा हैं
कुमकुम अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, गाने और यादगार किरदार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उनकी एक पुरानी तस्वीर, जिसमें वह अपने पति और बेटी के साथ नजर आ रही हैं, सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। तस्वीर में उन्हें पहचान पाना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन उनके प्रशंसक आज भी उन्हें भुला नहीं पाए हैं।