बिहार: की राजनीति में इस समय मंत्रियों की संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में कई ऐसे मंत्री हैं, जिनकी संपत्ति करोड़ों में है। दिलचस्प बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी कई मंत्री ज्यादा अमीर हैं। इनमें सबसे ऊपर नाम आता है मंत्री रमा निषाद का, जिनकी कुल संपत्ति करीब 31.85 करोड़ रुपए बताई गई है।
वहीं दूसरी ओर, पहली बार विधायक बनकर मंत्री बनीं जदयू नेता डॉ. श्वेता गुप्ता भी करोड़पति मंत्रियों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उनके पास लगभग 27 करोड़ रुपए की संपत्ति है और वह 47 लाख रुपए की BMW कार से चलती हैं।
सम्राट चौधरी से 5 गुना ज्यादा संपत्ति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषित संपत्ति करीब 6.38 करोड़ रुपए है। लेकिन उनकी कैबिनेट में शामिल मंत्री रमा निषाद उनसे करीब पांच गुना ज्यादा अमीर हैं। राजनीतिक गलियारों में यह आंकड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है।
सम्राट चौधरी के पास जहां कई लग्जरी सुविधाएं और हथियार हैं, वहीं रमा निषाद की संपत्ति में जमीन, मकान, निवेश और अन्य संपत्तियां शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक सम्राट चौधरी के पास करीब 4 लाख रुपए की राइफल और 2 लाख रुपए की रिवॉल्वर भी है।
डॉक्टर से मंत्री बनीं श्वेता गुप्ता
जदयू की डॉ. श्वेता गुप्ता पहली बार विधायक बनी हैं और उन्हें सीधे मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। पेशे से डॉक्टर श्वेता गुप्ता की कुल संपत्ति लगभग 27 करोड़ रुपए बताई गई है।
उनकी लग्जरी BMW कार भी काफी चर्चा में है, जिसकी कीमत करीब 47 लाख रुपए बताई जा रही है। राजनीतिक हलकों में उनकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और संपत्ति दोनों चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
सबसे गरीब मंत्री कौन?
जहां कुछ मंत्री करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, वहीं कुछ ऐसे भी मंत्री हैं जिनकी संपत्ति अपेक्षाकृत काफी कम है। एलजेपी (रामविलास) के मंत्री संजय कुमार को बिहार कैबिनेट का सबसे गरीब मंत्री बताया जा रहा है।
संजय कुमार की कुल संपत्ति करीब 23.85 लाख रुपए है। करोड़पति मंत्रियों के बीच यह आंकड़ा लोगों का ध्यान खींच रहा है।
भाजपा के मंत्रियों की संपत्ति भी चर्चा में
भारतीय जनता पार्टी के कई मंत्री भी करोड़ों की संपत्ति रखते हैं। चुनावी हलफनामों में दी गई जानकारी के अनुसार कई मंत्रियों के पास महंगी गाड़ियां, कृषि भूमि, व्यावसायिक संपत्ति और बैंक निवेश मौजूद हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अब चुनावों में सिर्फ राजनीतिक प्रभाव ही नहीं, बल्कि आर्थिक ताकत भी अहम भूमिका निभाने लगी है।
जदयू के नेताओं की मजबूत आर्थिक स्थिति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार में जदयू के कई मंत्री आर्थिक रूप से बेहद मजबूत माने जा रहे हैं। इनमें डॉक्टर, कारोबारी और बड़े जमीन मालिक शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की राजनीति में अब प्रोफेशनल बैकग्राउंड वाले नेताओं की संख्या बढ़ रही है, जो राजनीति के साथ-साथ व्यवसाय और निजी पेशे से भी अच्छी कमाई कर चुके हैं।
राजनीति में बढ़ता धनबल
बिहार मंत्रिमंडल की संपत्ति के आंकड़े एक बार फिर राजनीति में बढ़ते धनबल को उजागर करते हैं। करोड़पति नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि कई नेता खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और जमीनी कार्यकर्ता बताकर जनता के बीच जाते हैं, लेकिन उनकी संपत्ति के आंकड़े लोगों को चौंका देते हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव लड़ना अब बेहद महंगा हो चुका है। ऐसे में आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीदवारों को ज्यादा फायदा मिलता है।
जनता में भी बढ़ी दिलचस्पी
मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है। लोग यह जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं कि कौन सा मंत्री कितनी संपत्ति का मालिक है और किसके पास सबसे महंगी गाड़ी या सबसे ज्यादा जमीन है।
खासतौर पर रमा निषाद और श्वेता गुप्ता के नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में बने हुए हैं।