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‘हम PM मोदी के सबसे बड़े प्रशंसक हैं’… अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान से दुनिया में हलचल, भारत-अमेरिका रिश्तों पर कही बड़ी बात

अमेरिका: के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारत की वैश्विक भूमिका की खुलकर सराहना की है। व्हाइट हाउस में दिए एक विशेष इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की सबसे प्रभावशाली ताकतों में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के बीच संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हैं।

रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं।

‘हम प्रधानमंत्री मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं’

मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन उनके कामकाज का सम्मान करता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को आर्थिक विकास और वैश्विक प्रभाव के नए स्तर तक पहुंचाया है। उनके अनुसार भारत अब केवल क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश बन चुका है।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को सकारात्मक नजरिए से देखा जाता है और दोनों देशों के बीच विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।

ट्रंप और मोदी के रिश्तों की भी की सराहना

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बेहद करीबी व्यक्तिगत संबंध हैं।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में शीर्ष नेताओं के बीच विश्वास और बेहतर संवाद किसी भी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

रुबियो के अनुसार दोनों नेताओं की आपसी समझ ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती दी है।

भारत को बताया उभरती वैश्विक शक्ति

रुबियो ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और देश वैश्विक स्तर पर अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत की भागीदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ी है और भविष्य में भी भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और लोकतांत्रिक व्यवस्था उसे विश्व राजनीति में एक विशेष स्थान दिलाती है।

लोकतांत्रिक मूल्यों ने बढ़ाई साझेदारी

रुबियो ने भारत और अमेरिका को दुनिया के दो बड़े लोकतांत्रिक देशों के रूप में वर्णित किया।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्य, कानून का शासन और स्वतंत्र संस्थाएं आपसी सहयोग को मजबूत आधार प्रदान करती हैं।

उनके अनुसार लोकतंत्र, आर्थिक विकास और वैश्विक स्थिरता जैसे कई मुद्दों पर दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान है।

कई क्षेत्रों में बढ़ रहा सहयोग

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कई रणनीतिक क्षेत्रों में तेजी से सहयोग बढ़ रहा है।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • रक्षा और सुरक्षा सहयोग
  • सप्लाई चेन को मजबूत बनाना
  • महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
  • ऊर्जा सुरक्षा
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग
  • समुद्री सुरक्षा
  • तकनीकी नवाचार
  • व्यापार और निवेश

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में साझेदारी और अधिक मजबूत होने की संभावना है।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भी सराहना

रुबियो ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की भी जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, तकनीक और व्यापार सहित अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।

कूटनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के विदेश मंत्री का यह बयान केवल औपचारिक प्रशंसा नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की स्वीकार्यता का संकेत भी है।

इंडो-पैसिफिक रणनीति, चीन की बढ़ती सक्रियता, वैश्विक सप्लाई चेन और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर भारत और अमेरिका के बीच सहयोग आने वाले वर्षों में और मजबूत हो सकता है।

मार्को रुबियो का बयान भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है। अमेरिका ने एक बार फिर भारत को अपना महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बयान भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

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