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महाराष्ट्र के मंदिर में अचानक गिरी छत! चीख-पुकार के बीच मलबे में दबे दर्जनों श्रद्धालु, बचाव अभियान जारी

मुंबई/परभणी: महाराष्ट्र के परभणी जिले से शनिवार को एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। जिले के यशवाड़ी गांव स्थित प्रसिद्ध मारुति मंदिर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंदिर परिसर के सभा मंडप (बाहरी हॉल) की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 30 से 40 श्रद्धालुओं के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए, जबकि सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास जारी है।

दोपहर में हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। यशवाड़ी गांव स्थित हनुमान (मारुति) मंदिर में शनिवार होने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान अचानक सभा मंडप का स्लैब गिर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छत गिरते ही पूरा परिसर धूल और मलबे से भर गया। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जबकि कुछ श्रद्धालु मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

अब तक 25 लोगों को निकाला गया

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि राहत एवं बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 25 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक मृतकों या गंभीर रूप से घायलों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने का काम जारी है और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

बचाव कार्य में जुटी कई एजेंसियां

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

एम्बुलेंस की कई गाड़ियां भी मौके पर तैनात की गई हैं ताकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा है।

शनिवार होने से थी भारी भीड़

स्थानीय प्रशासन के अनुसार शनिवार का दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इसी कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक श्रद्धालु मौजूद थे।

माना जा रहा है कि सभा मंडप में क्षमता से अधिक लोगों की मौजूदगी और संरचना की कमजोरी हादसे की एक संभावित वजह हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

मंदिर की संरचना की होगी जांच

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मंदिर भवन और सभा मंडप की संरचना का निरीक्षण करेगी। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि छत गिरने के पीछे निर्माण संबंधी खामी, रखरखाव में लापरवाही या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

स्थानीय लोगों ने भी मंदिर परिसर की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कराने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल

हादसे की खबर फैलते ही आसपास के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर पहुंचने लगे। कई परिवार अपने परिजनों की जानकारी के लिए अस्पतालों और घटनास्थल का रुख कर रहे हैं।

प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है

महाराष्ट्र के परभणी जिले के मारुति मंदिर में सभा मंडप की छत गिरने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। हादसे के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, जिससे नुकसान बढ़ने की आशंका है। राहत एवं बचाव अभियान तेजी से जारी है और प्रशासन सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहा है। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।

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