उत्तर प्रदेश: पुलिस में 32 हजार से अधिक पदों पर चल रही भर्ती परीक्षा के बीच नकल की कोशिश का मामला सामने आया है। हापुड़ के एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी मोबाइल फोन लेकर परीक्षा हॉल तक पहुंच गया। मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं और छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
प्रदेशभर में 8, 9 और 10 जून को आयोजित हो रही इस परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन हापुड़ की घटना ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
कैसे पकड़ा गया अभ्यर्थी?
जानकारी के अनुसार यह मामला परीक्षा के पहले दिन का है। एक अभ्यर्थी कथित तौर पर मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश करने में सफल हो गया।
बताया जा रहा है कि उसने मोबाइल अपने कपड़ों के अंदर छिपा रखा था। परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद वह शौचालय जाने के बहाने बाहर गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को शक हुआ।
इसके बाद जांच की गई तो उसके पास से मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। अधिकारियों ने तुरंत मामले की रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
नकल गिरोह से जुड़े होने की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थी किसी संगठित नकल गिरोह से जुड़ा था या नहीं।
भर्ती परीक्षाओं में पहले भी कई राज्यों में तकनीकी उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल कराने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी गंभीरता से काम कर रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल के इस्तेमाल और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

छह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
घटना के बाद सुरक्षा जांच में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दो सब-इंस्पेक्टर समेत कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। माना जा रहा है कि प्रारंभिक जांच में प्रवेश के दौरान चेकिंग प्रक्रिया में गंभीर चूक मिली थी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही परीक्षा
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित की जा रही है।
परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले एडमिट कार्ड और आधार कार्ड की जांच की जा रही है। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन, तलाशी और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाओं को पूरा किया जाता है।
इसके बावजूद हापुड़ की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसा रहा परीक्षा का स्तर?
दूसरे दिन की पहली पाली की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने पेपर को लेकर मिले-जुले अनुभव साझा किए।
कई उम्मीदवारों के अनुसार हिंदी विषय अपेक्षाकृत आसान रहा। हालांकि साहित्य से जुड़े कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को थोड़ा परेशान किया।
वहीं गणित और सामान्य ज्ञान (GK) के प्रश्नों का स्तर पहले दिन की तरह थोड़ा चुनौतीपूर्ण बताया गया। इन दोनों विषयों ने बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को उलझाया।
रीजनिंग के सवालों को लेकर भी उम्मीदवारों की राय मिश्रित रही।
32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा यह भर्ती अभियान 32 हजार से अधिक रिक्त पदों के लिए चलाया जा रहा है।
इनमें सबसे अधिक पद नागरिक पुलिस कॉन्स्टेबल के हैं। इसके अलावा पीएसी, सशस्त्र पुलिस, जेल वार्डर और महिला बटालियन के पद भी शामिल हैं।
यह भर्ती राज्य की सबसे बड़ी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है।
दूसरी शिफ्ट में भी कड़ी निगरानी
दूसरे दिन की दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री बंद कर दी गई थी।
अधिकारियों ने सभी केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आया नकल का मामला प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। हालांकि त्वरित कार्रवाई करते हुए मोबाइल बरामद कर लिया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। आने वाले परीक्षा सत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।