फिलीपींस: में सोमवार को आए 8.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र के पास आए इस विनाशकारी झटके ने कुछ ही सेकंड में सामान्य जिंदगी को तबाही के मंजर में बदल दिया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस आपदा में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई इमारतें धराशायी हो गईं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए। लोगों ने बताया कि धरती कई सेकंड तक लगातार हिलती रही, जिससे घरों, स्कूलों, अस्पतालों और व्यावसायिक इमारतों में अफरा-तफरी मच गई। कई जगहों पर लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागते दिखाई दिए।
पलभर में ढह गईं इमारतें
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में कई बहुमंजिला इमारतों को गिरते हुए देखा जा सकता है। कुछ वीडियो में स्कूल परिसर के भीतर मौजूद छात्र खुले मैदान में भागते नजर आए, जबकि पीछे की इमारत का हिस्सा भरभराकर गिर गया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई सरकारी भवनों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
सुनामी अलर्ट ने बढ़ाई चिंता
भूकंप समुद्र के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। इसी कारण प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने फिलीपींस के कई तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी।
विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि कुछ क्षेत्रों में तीन मीटर तक ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं। इसके बाद प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू कर दिया।
इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ हिस्सों के लिए भी समुद्री लहरों को लेकर अलर्ट जारी किया गया। तटीय इलाकों में लगातार सायरन बजाए गए और राहत शिविरों की व्यवस्था की गई।

राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
भूकंप के तुरंत बाद सेना, पुलिस, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्थानीय स्वयंसेवकों को राहत कार्य में लगाया गया। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।
जनरल सैंटोस सिटी के अधिकारियों ने बताया कि कई इमारतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और अभी नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आना बाकी है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अब भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
सरंगानी प्रांत और आसपास के क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ है। कई पुलों और सार्वजनिक ढांचों की सुरक्षा जांच भी शुरू कर दी गई है।
आफ्टरशॉक ने बढ़ाया डर
मुख्य भूकंप के कुछ घंटों बाद 6.1 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। इस आफ्टरशॉक ने लोगों के डर को और बढ़ा दिया।
कई परिवारों ने रात खुले आसमान के नीचे बिताई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में वापस न जाने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में और आफ्टरशॉक महसूस किए जा सकते हैं।
क्यों बार-बार आते हैं भूकंप?
फिलीपींस दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां लगातार होती रहती हैं।
इसी कारण यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय घटनाएं देखने को मिलती हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार आया भूकंप हाल के वर्षों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा सकता है।
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी है और पुनर्वास योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
फिलीपींस में आया 8.1 तीव्रता का भूकंप एक बड़ी प्राकृतिक त्रासदी बनकर सामने आया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, सैकड़ों लोग घायल हुए और हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। राहत एवं बचाव अभियान जारी है, जबकि प्रशासन संभावित आफ्टरशॉक और सुनामी के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट पर है।