फिरोजपुर। पंजाब के फिरोजपुर जिले में शनिवार सुबह हुआ एक भीषण सड़क हादसा कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया। जिस परिवार ने कुछ दिन पहले अपनी एक बुजुर्ग महिला सदस्य को खोया था और उनकी अस्थियां विसर्जित करने धार्मिक यात्रा पर निकला था, उसे शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उसी परिवार को एक साथ नौ और अपनों को खोने का दर्द झेलना पड़ेगा।
यह दर्दनाक हादसा फिरोजपुर-फाजिल्का हाईवे पर गांव हुसैन शाह (जंगा वाला मोड़) के पास सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुआ। श्रद्धालुओं से भरी एक महिंद्रा पिकअप और तेज रफ्तार ट्रॉले की आमने-सामने की टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्थियां विसर्जित करने जा रहा था परिवार
जानकारी के अनुसार, जलालाबाद निवासी मोहन सिंह का परिवार 1 जून को दिवंगत हुई उनकी मां पूर्ण कौर की अस्थियां डेरा ब्यास में विसर्जित करने जा रहा था। पिकअप वाहन में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे समेत कुल 30 श्रद्धालु सवार थे।
परिजन धार्मिक भावनाओं के साथ सुबह करीब साढ़े तीन बजे घर से निकले थे। सभी लोग डेरा ब्यास पहुंचकर अंतिम धार्मिक रस्म पूरी करना चाहते थे, लेकिन रास्ते में हुई एक चूक ने सब कुछ बदल दिया।

झपकी बनी मौत की वजह!
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सामने से आ रहे ट्रॉला चालक को वाहन चलाते समय झपकी आ गई थी। इसी कारण ट्रॉला गलत दिशा में चला गया और सीधे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप से टकरा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए। वाहन की छत पर बैठे कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तत्काल फिरोजपुर सिविल अस्पताल और बाद में गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदकोट रेफर किया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि परिवार पहले से ही एक सदस्य की मौत के गम से उबर नहीं पाया था। ऐसे में एक ही हादसे में नौ लोगों की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
परिजन बलकार सिंह ने कहा कि जिस महिला की अस्थियां प्रवाहित करने के लिए यात्रा निकाली गई थी, उसी परिवार को अब एक साथ कई अपनों की अंतिम विदाई की तैयारी करनी पड़ रही है। यह दुख शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
मृतकों में महिलाएं और बच्चा भी शामिल
इस हादसे में एक 10 वर्षीय बच्चे, पांच महिलाओं और तीन पुरुषों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान महिंदर सिंह, राज कुमार, माइयां बाई, दर्शन सिंह, महिंदर कौर, जीतो बाई, विद्या बाई, करनैल सिंह और सुखविंदर कौर के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि सुखविंदर कौर, मोहन सिंह की बेटी थीं। परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
चार घायलों की हालत गंभीर
गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीतू के अनुसार अस्पताल में भर्ती घायलों में से चार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और हर संभव इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
पुलिस जांच में जुटी
फिरोजपुर पुलिस ने ट्रॉला चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रॉला छोड़कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे इलाके में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ जुटी हुई है। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है और लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक धार्मिक यात्रा जो श्रद्धा और आस्था के साथ शुरू हुई थी, वह कुछ ही घंटों में पंजाब के सबसे दर्दनाक सड़क हादसों में बदल गई।
फिरोजपुर सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि कई परिवारों की जिंदगी बदल देने वाली त्रासदी बन गया। एक महिला की अस्थियां विसर्जित करने निकला परिवार खुद मौत और मातम के भंवर में फंस गया। यह हादसा सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के सुरक्षित संचालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।