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प्रेमी को घर बुलाया, फिर पति संग रची मौत की साजिश! ग्राइंडर से किए शव के टुकड़े, जंगल में जलाए अंग; ऐसे खुला विजय हत्याकांड का राज

 

फतेहपुर/हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर और हमीरपुर जिलों से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक शादीशुदा महिला ने अपने पति के साथ मिलकर अपने ही प्रेमी की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए जिस क्रूरता और साजिश का सहारा लिया गया, उसने पुलिस अधिकारियों तक को हैरान कर दिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक विजय निषाद (20) का हमीरपुर जिले के मनकी गांव निवासी किरन नाम की महिला के साथ पिछले करीब आठ महीनों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच लगातार बातचीत और मुलाकातें होती थीं। बताया जा रहा है कि महिला का पति कामता निषाद गुजरात में नौकरी करता था, लेकिन पत्नी और विजय के रिश्ते की जानकारी मिलने के बाद वह नौकरी छोड़कर गांव लौट आया।

प्रेम कहानी बनी मौत की वजह

जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर महिला और विजय की कुछ तस्वीरें वायरल हो गई थीं। ये तस्वीरें किसी तरह पति तक पहुंच गईं। इसके बाद पति-पत्नी के बीच काफी विवाद हुआ। हालांकि बाद में दोनों ने मिलकर प्रेमी विजय को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

आरोप है कि 8 मई को किरन ने विजय को फोन कर अपने घर बुलाया। विजय को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि जिस महिला के बुलावे पर वह पहुंच रहा है, वही उसकी मौत का कारण बनने वाली है।

घर के अंदर की गई हत्या

पुलिस के अनुसार विजय जैसे ही घर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद कामता निषाद ने लकड़ी की चौखट से उसके सिर पर जोरदार हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से विजय की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद पति-पत्नी ने शव को घर में ही छिपाकर रखा।

रात के समय शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई, लेकिन भीषण गर्मी के कारण शव के हाथ-पैर अकड़ चुके थे। इससे शव को ले जाना मुश्किल हो रहा था।

बाजार से खरीदी ग्राइंडर मशीन

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि शव को आसानी से ठिकाने लगाने के लिए आरोपी दंपती बाजार से ग्राइंडर मशीन खरीदकर लाए। घर के अंदर ही शव के हाथ-पैर काटे गए और फिर अलग-अलग हिस्सों को बोरे में भर दिया गया।

इसके बाद दोनों आरोपी शव के टुकड़ों को बाइक से कानपुर क्षेत्र के तहरापुर गुरैया जंगल में ले गए। वहां पेट्रोल डालकर शव के अवशेषों को जला दिया गया ताकि पहचान और सबूत दोनों खत्म हो जाएं।

मोबाइल फोन ने बिगाड़ दिया पूरा खेल

हत्या के बाद आरोपी दंपती को लगा कि उन्होंने सभी सबूत मिटा दिए हैं, लेकिन तकनीक ने उनका साथ नहीं दिया। विजय के परिवार ने उसके लापता होने पर 10 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई।

पुलिस ने जब विजय का मोबाइल ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन संदिग्ध तरीके से बदलती हुई मिली। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने पर किरन और विजय के बीच लगातार बातचीत के सबूत मिले।

पुलिस ने जब किरन से संपर्क करने की कोशिश की तो वह घबरा गई और फोन काट दिया। यहीं से पुलिस का शक और गहरा हो गया।

पूछताछ में खुला हत्या का राज

सख्ती से पूछताछ करने पर पति-पत्नी टूट गए और पूरी वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से शव के अवशेष बरामद किए। साथ ही हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक, मोबाइल फोन, ग्राइंडर मशीन और लकड़ी की चौखट भी बरामद कर ली गई।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने क्या कहा?

फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की मदद से इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया गया। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

फतेहपुर का विजय हत्याकांड एक बार फिर साबित करता है कि अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, तकनीकी साक्ष्य और पुलिस जांच के सामने सच ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकता। प्रेम-प्रसंग से शुरू हुई यह कहानी एक खौफनाक हत्या में बदल गई, जिसमें आरोपियों ने सबूत मिटाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड ने उनके पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।

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