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चारधाम यात्रा पर मौसम की मार! ऑरेंज अलर्ट के बीच अचानक रोकी गई केदारनाथ यात्रा, हजारों श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर रोके गए

रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा पर एक बार फिर मौसम की मार पड़ती दिखाई दे रही है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार कई दिनों से हो रही बारिश और खराब मौसम के चलते प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ धाम यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता और यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट मोड पर

भारतीय मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की संभावना जताई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ घंटों तक मौसम और अधिक खराब हो सकता है।

इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की जान जोखिम में डालकर यात्रा जारी रखना उचित नहीं होगा।

सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु

जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को विभिन्न होल्डिंग प्वाइंट्स और सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है।

सोनप्रयाग, गौरीकुंड और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मौसम सामान्य होने तक किसी भी श्रद्धालु को आगे न बढ़ने दिया जाए।

यात्रियों को भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को किया गया तैनात

संभावित आपदा को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया है।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और अन्य आपदा प्रबंधन इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।

यात्रा मार्गों पर रखी जा रही है कड़ी निगरानी

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं लगातार मौसम की स्थिति और यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहे हैं।

कंट्रोल रूम के माध्यम से सीसीटीवी कैमरों द्वारा यात्रा मार्गों पर नजर रखी जा रही है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का मानना है कि समय रहते सावधानी बरतने से किसी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।

श्रद्धालुओं से की गई सहयोग की अपील

प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

अधिकारियों ने कहा है कि मौसम में सुधार होते ही यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और बिना अनुमति आगे बढ़ने की कोशिश न करें।

हर साल मौसम बनता है चुनौती

केदारनाथ धाम समुद्र तल से लगभग 11,700 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मानसून और प्री-मानसून सीजन के दौरान यहां मौसम तेजी से बदलता है।

भारी बारिश के कारण भूस्खलन, रास्तों के अवरुद्ध होने और नदियों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से प्रशासन समय-समय पर यात्रा को नियंत्रित या अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लेता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।

मौसम सामान्य होने का इंतजार

फिलहाल हजारों श्रद्धालु मौसम के अनुकूल होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन लगातार स्थिति का मूल्यांकन कर रहा है और मौसम विभाग से प्राप्त अपडेट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

यदि मौसम में सुधार होता है तो यात्रा को चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू किया जा सकता है।

केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रुद्रप्रयाग में जारी ऑरेंज अलर्ट और लगातार बारिश के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। फिलहाल यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

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