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“महिला शिक्षकों के पहनावे पर मंत्री का बड़ा बयान! बोलीं- अब पहचानना मुश्किल, कौन छात्र और कौन शिक्षक”

उत्तर प्रदेश: की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी का एक बयान इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने शिक्षकों की जिम्मेदारी, अनुशासन और महिला शिक्षकों के पहनावे को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं।

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने का काम नहीं करते, बल्कि वे छात्रों के लिए आदर्श भी होते हैं। अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में सौंपते हैं, इसलिए शिक्षकों के व्यवहार, व्यक्तित्व और पहनावे में गरिमा दिखाई देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि महिला शिक्षकों और छात्राओं के पहनावे में इतना कम अंतर रह गया है कि पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन छात्र है और कौन शिक्षक। उन्होंने महिला शिक्षकों से अपील की कि वे अपने पहनावे पर विशेष ध्यान दें ताकि विद्यार्थियों के सामने एक आदर्श और सम्मानजनक छवि प्रस्तुत कर सकें।

“शिक्षक अपने आचरण से बनें उदाहरण”

गुलाब देवी ने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। उनके व्यवहार, अनुशासन और जीवनशैली का भी छात्रों पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक स्वयं अनुशासित होंगे तो छात्र भी उनका अनुसरण करेंगे। विद्यार्थियों के मन में सम्मान पैदा करने के लिए शिक्षकों को अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करना होगा।

मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि छात्रों के लिए सीख का माध्यम बनती है। इसलिए शिक्षकों को अपने व्यक्तित्व और व्यवहार में सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए।

भाजपा सरकार में बदला शिक्षा का माहौल

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ी है और नकल माफिया पर प्रभावी कार्रवाई हुई है।

गुलाब देवी ने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षाओं में नकल की घटनाएं आम थीं, लेकिन अब नकल विहीन परीक्षाएं सफलतापूर्वक कराई जा रही हैं। इससे मेधावी छात्रों को उनकी मेहनत का उचित परिणाम मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकें।

विद्यार्थियों को दिया अनुशासन और मेहनत का मंत्र

मेधावी छात्रों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जो लोग समय का सम्मान करते हैं, नियमित दिनचर्या अपनाते हैं और कठिन परिश्रम करते हैं, वे जीवन में बड़ी सफलताएं हासिल करते हैं।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने लक्ष्य पर फोकस रखें और कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करें। मेहनत और अनुशासन के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

अभिभावकों को भी दी महत्वपूर्ण सलाह

गुलाब देवी ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में माता-पिता की भूमिका बेहद अहम होती है।

उन्होंने विशेष रूप से 10वीं कक्षा के बाद अभिभावकों को बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उनके अनुसार इस उम्र में बच्चे कई मानसिक और भावनात्मक बदलावों से गुजरते हैं, इसलिए उन्हें डांटने के बजाय समझने की आवश्यकता होती है।

मंत्री ने कहा कि माता-पिता बच्चों से खुलकर बातचीत करें ताकि वे अपनी समस्याएं और भावनाएं साझा कर सकें।

मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर जताई चिंता

अपने संबोधन में उन्होंने मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज कई अभिभावक बच्चों को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल थमा देते हैं, जो भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

उन्होंने सलाह दी कि मोबाइल का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार किया जाए और परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएं।

समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के अलावा बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह और अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा भी उपस्थित रहे।

समारोह में प्रदेशभर के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

लखनऊ में आयोजित मेधावी सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री गुलाब देवी का महिला शिक्षकों के पहनावे को लेकर दिया गया बयान चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि उन्होंने इसे शिक्षकों की गरिमा और आदर्श भूमिका से जोड़कर पेश किया। साथ ही छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को अनुशासन, मेहनत और जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर उनका विशेष जोर देखने को मिला।

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