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“महंगाई मानव मोदी” फिर एक्टिव! पेट्रोल-डीजल के दामों ने मचाया हड़कंप, राहुल गांधी का बड़ा हमला

नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री को “महंगाई मानव मोदी” कहा और आरोप लगाया कि सरकार जनता की जेब पर धीरे-धीरे बोझ बढ़ा रही है।

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले दो हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। आम जनता पहले से ही खाद्य पदार्थों, बिजली और गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान है, ऐसे में ईंधन के दाम बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम “किश्तों में” बढ़ा रही है ताकि जनता को अचानक बड़ा झटका महसूस न हो।

उन्होंने लिखा—

“महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला। पेट्रोल-डीजल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे।”

उन्होंने दावा किया कि वह महीनों से आर्थिक संकट और महंगाई के बढ़ने की चेतावनी दे रहे थे, लेकिन सरकार चुनावी राजनीति में व्यस्त रही। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही आम जनता पर आर्थिक बोझ डालना शुरू कर दिया गया।

चुनावी वादों पर भी साधा निशाना

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर चुनावी वादों को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जनता पर टैक्स और महंगाई का बोझ डाल दिया जाता है।

राहुल गांधी ने आगे कहा—

“महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है— चुनाव में वादे और बाकी समय जनता की जेब पर वार।”

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। कांग्रेस समर्थकों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया, जबकि भाजपा समर्थकों ने राहुल गांधी के बयान को राजनीतिक ड्रामा बताया।

लगातार चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार को फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की। नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

बताया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से हुई है। हालांकि विपक्ष इसे पूरी तरह केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता बता रहा है।

पिछले दो हफ्तों में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी इस प्रकार है—

  • 15 मई: पेट्रोल-डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा
  • 19 मई: लगभग 90 पैसे की बढ़ोतरी
  • 23 मई: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा
  • 25 मई: फिर नई बढ़ोतरी लागू

कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹7 से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है।

आम जनता पर क्या असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, फल, दूध, राशन और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ने लगती हैं।

मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ता है क्योंकि उनकी आमदनी सीमित होती है लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जाते हैं। टैक्सी, ऑटो और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े लोगों ने भी बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है।

भाजपा की ओर से क्या कहा गया?

हालांकि केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक परिस्थितियों की वजह से यह फैसला लेना पड़ा। सरकार का दावा है कि आम जनता पर बोझ कम करने के लिए टैक्स में पहले ही कई बार कटौती की जा चुकी है।

भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को “राजनीतिक स्टंट” बताते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय भी ईंधन की कीमतें बढ़ी थीं।

देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राहुल गांधी ने “महंगाई मानव मोदी” कहकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है, जबकि सरकार वैश्विक कारणों को जिम्मेदार बता रही है। आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें और बढ़ती हैं या सरकार राहत देती है, इस पर आम जनता की नजर बनी रहेगी।

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