मराठवाड़ा की बाढ़: क्या छुपा है इस आपदा के पीछे?

मुंबई में आज आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मराठवाड़ा क्षेत्र में आई बाढ़ की गंभीर स्थिति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है और प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
बावनकुले ने बताया कि लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण औरंगाबाद, बीड, जालना, लातूर, उस्मानाबाद और परभणी जैसे जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई गांवों में पानी भर जाने के कारण लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, एनडीआरएफ (NDRF), सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर राहत कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। जिन क्षेत्रों में संपर्क टूट गया है, वहाँ हवाई मदद और नावों के माध्यम से लोगों तक राहत पहुंचाई जा रही है।”
बावनकुले ने यह भी कहा कि सरकार ने आपदा राहत कोष से आवश्यक धनराशि जारी कर दी है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित जिलों के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं।
राहत और पुनर्वास के प्रयास
मंत्री ने बताया कि बाढ़ से जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उनके लिए विशेष सर्वेक्षण टीमों को भेजा गया है ताकि मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके। साथ ही जिन लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें रहने के लिए अस्थायी शेल्टर, भोजन, दवाइयां और पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा,
“हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति राहत से वंचित न रहे। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता प्रदान करें।”
विपक्ष को जवाब
पत्रकारों द्वारा विपक्ष की आलोचना पर सवाल पूछे जाने पर बावनकुले ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है, बल्कि एकजुट होकर लोगों की मदद करने का है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे आगे आएं और सरकार के साथ मिलकर राहत कार्यों में सहयोग करें।