80 नई बसें बिहार की सड़कों पर… जानिए इनमें कौन नहीं बैठ सकता!

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सोमवार को राजधानी पटना में उन्होंने महिलाओं को एक बड़ी सौगात दी — 80 नई पिंक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सहज और समर्पित परिवहन सुविधा मुहैया कराना है।
यह पिंक बस सेवा विशेष रूप से महिलाओं के लिए ही आरक्षित है, यानी इनमें केवल महिलाएं ही यात्रा कर सकेंगी। इस कदम को महिलाओं की स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्थलों पर उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है — चाहे वह शिक्षा हो, रोजगार हो या फिर सुरक्षित यात्रा की सुविधा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी नीतीश कुमार ने 16 मई 2025 को 20 पिंक बसों की शुरुआत की थी। अब इस नई खेप के साथ राज्य में पिंक बसों की कुल संख्या 100 हो गई है। पटना में पहले से 8 पिंक बसें चल रही थीं, और अब 22 और बसें जुड़ने से राजधानी में कुल 30 पिंक बसें संचालित हो रही हैं।
परिवहन विभाग के मुताबिक, इन 80 बसों का बंटवारा राज्य के कई प्रमुख जिलों में किया गया है, जिससे महिलाओं को अपने ही जिले में भी इस सुविधा का लाभ मिल सके।
- भागलपुर और पूर्णिया को 8-8 नई पिंक बसें दी गई हैं, जिससे दोनों जिलों में अब कुल 10-10 पिंक बसें हो गई हैं।
- गया और दरभंगा को 13-13 बसें दी गईं, जिससे इन जिलों में अब कुल 15-15 पिंक बसें हो गई हैं।
- मुजफ्फरपुर को सबसे अधिक 16 नई बसें मिली हैं, जिससे वहां अब कुल 20 पिंक बसें हो गई हैं।
यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक और मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिलाओं को लेकर सोच शुरुआत से ही सकारात्मक रही है। उन्होंने पहले मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, बicycle योजना, आरक्षण में बढ़ोतरी, और नौकरी में प्राथमिकता जैसे कई अहम फैसले लिए हैं।
अब पिंक बसों की यह व्यवस्था महिलाओं को ना केवल कार्यस्थल और शिक्षण संस्थानों तक सुरक्षित पहुँचाएगी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास भी देगी कि राज्य उनके लिए सुरक्षित और संवेदनशील है।
इस पहल से यह साफ है कि नीतीश कुमार की सरकार महिलाओं की सुरक्षा को सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्यों के रूप में उतार रही है। यह पिंक बस सेवा सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सोच और संकल्प का प्रतीक है।