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गरबा की रात बना दहशत की रात: बहियाल गांव में क्यों भड़की हिंसा?

गरबा के बीच घमासान: क्या पहले से थी साजिश?

बिलकुल, नीचे दी गई घटना को एक विस्तृत 500 शब्दों की हिंदी समाचार रिपोर्ट के रूप में पेश किया गया है, जिसमें भाषा औपचारिक और पत्रकारिता शैली में है:


गांधीनगर में नवरात्र गरबा के दौरान हिंसा: दो गुटों में भिड़ंत, पथराव, आगजनी और 60 हिरासत में

गुजरात की राजधानी गांधीनगर जिले के बहियाल गांव में बुधवार देर रात नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित गरबा कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल मच गया। धार्मिक उत्सव के बीच अचानक दो गुटों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गरबा खेल रहे लोगों की भीड़ के बीच हुई यह झड़प इतनी उग्र हो गई कि मैदान में ही पथराव शुरू हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गरबा स्थल पर अचानक उपद्रवी तत्वों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। भगदड़ की स्थिति बन गई और स्थानीय लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। झड़प के बाद हिंसा का दायरा गरबा मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के इलाके भी इसकी चपेट में आ गए। कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई और पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि उपद्रवियों के पास लाठी-डंडे भी थे और उन्होंने सुनियोजित ढंग से हमला किया। कई दुकानदारों को अपनी दुकानों में बंद होकर जान बचानी पड़ी। हिंसा की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को आंसूगैस के गोले दागने पड़े। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती करनी पड़ी।

गांधीनगर के असिस्टेंट सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) आयुष जैन ने बताया कि घटना के संबंध में 60 लोगों को हिरासत में लिया गया है और हिंसा फैलाने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है। गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

इस घटना ने नवरात्र जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व की पवित्रता को आघात पहुँचाया है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ राजनीतिक दलों ने भी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग इस अप्रत्याशित हिंसा से सहमे हुए हैं।


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