गुजरात में किसानों का करदा प्रथा विरोध तेज, केजरीवाल ने सरकार को दी चुनौती – क्या होगी किसानों की जीत?

गुजरात में करदा प्रथा को लेकर किसानों के हक में केजरीवाल ने खोला मोर्चा
गुजरात में किसानों के हक में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ा मोर्चा खोला है। पार्टी के नेताओं प्रवीण राम और राजू करपड़ा की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने न केवल गुजरात सरकार पर तीखा हमला किया, बल्कि किसानों की मांगों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि गुजरात के किसान ‘करदा प्रथा’ और मंडी में फसल खरीद से जुड़ी अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर सड़कों पर उतर चुके हैं।
करदा प्रथा के तहत व्यापारी किसानों से तय कीमत पर पूरी फसल नहीं खरीदते। वे फसल का एक हिस्सा खराब या निम्न गुणवत्ता बताकर कम दाम पर खरीदते हैं। इसके कारण किसान अपनी मेहनत का पूरा लाभ नहीं प्राप्त कर पाते। किसानों की मांग है कि उनकी पूरी फसल तय दर पर खरीदी जाए और उन्हें अपने उत्पादन का उचित मूल्य मिले। यह प्रथा कई वर्षों से किसानों के लिए आर्थिक बोझ और असमानता का कारण बनी हुई है।
केजरीवाल ने वीडियो में बताया कि बोटाद जिले के हड़दड़ गांव में इस मुद्दे को लेकर महापंचायत भी हुई थी। किसानों ने यहां अपनी समस्याओं और मांगों को स्पष्ट रूप से रखा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रवीण राम और राजू करपड़ा जैसी पार्टी की स्थानीय नेता सिर्फ किसानों के हक में आवाज उठाने के कारण गिरफ्तार किए गए। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि अगर किसी पर केस करना है तो आम आदमी पार्टी के नेताओं पर ही करें। केजरीवाल ने कहा, “हम नहीं डरते और हमेशा किसानों के साथ खड़े रहेंगे।”
किसानों की दूसरी प्रमुख मांग एपीएमसी (APMC) की सरकारी मंडी से जुड़ी है। वर्तमान कानून के अनुसार जब किसान अपनी फसल सरकारी मंडी में ले जाता है, तो वही व्यापारी उनकी सारी फसल खरीदेंगे। लेकिन व्यवहार में व्यापारी ऐसा नहीं करते। वे फसल को 30-40 किलोमीटर दूर फैक्ट्री या गोदाम में भेजने की बात कहते हैं, जिसके ट्रांसपोर्ट का खर्चा किसान को खुद उठाना पड़ता है। किसानों की मांग है कि उनकी फसल मंडी में ही खरीदी जाए और व्यापारी खुद इसे अपने गोदाम या फैक्ट्री में ले जाए। इससे किसानों को अतिरिक्त खर्च और परेशानी से राहत मिलेगी।
केजरीवाल ने कहा कि ये मुद्दे केवल आर्थिक नहीं हैं बल्कि किसानों के अधिकार और न्याय का सवाल हैं। उनका मानना है कि अगर सरकार किसानों के हित में कदम नहीं उठाएगी तो इससे उनकी जिंदगी और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी हर स्तर पर किसानों के हक के लिए लड़ाई जारी रखेगी और उन्हें न्याय दिलाएगी।
गुजरात में किसानों की यह लड़ाई करदा प्रथा और मंडी से जुड़ी खरीद प्रक्रिया को लेकर काफी गंभीर है। इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने खुलकर अपनी आवाज उठाई है और यह साफ किया है कि किसान अपने हक के लिए किसी भी दबाव में नहीं आएंगे। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस मसले पर क्या कार्रवाई करती है और किसानों की मांगों को कितनी गंभीरता से लिया जाता है।